बाल्टिक सागर में रूस की गैस पाइप लाइन में रिसाव, सोच समझी साजिश के तहत क्षति पहुंचाए जाने की आशंका
रूस की गैस पाइपलाइनों में हुए रिसाव के कारण पोलैंड की बहुप्रतीक्षित पाइपलाइन के उद्घाटन को कुछ खास तवज्जो नहीं मिल सकी। इस नई पाइपलाइन के जरिए नॉर्वे से यूरोप तक गैस की आपूर्ति हो सकेगी और इससे रूसी गैस पर यूरोप की निर्भरता भी कम होगी।
वारसा, एपी: रूस से बाल्टिक सागर बीच से होते हुए जर्मनी पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस की दो पाइप लाइन में हुए असामान्य रिसाव के बाद, सोच समझी चाल के तहत क्षति पहुंचाए जाने की आशंका जताई जा रही है। कुछ यूरोपीय नेता यूक्रेन में युद्ध के कारण रूस के साथ ऊर्जा गतिरोध को लेकर संभावित क्षति की ओर इशारा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि नॉर्ड स्ट्रीम 1 और 2 पाइपलाइनों पर तीन लीक हुए हैं, जो कि प्राकृतिक गैस से भरे हुए हैं।
रूसी गैस पाइपलाइन से छेड़छाड़ की आशंका
रूस की गैस पाइपलाइनों में हुए रिसाव के कारण पोलैंड की बहुप्रतीक्षित पाइपलाइन के उद्घाटन को कुछ खास तवज्जो नहीं मिल सकी। इस नई पाइपलाइन के जरिए नॉर्वे से यूरोप तक गैस की आपूर्ति हो सकेगी और इससे रूसी गैस पर यूरोप की निर्भरता भी कम होगी। स्वीडिश नेशनल सिस्मिक नेटवर्क के निदेशक ब्योर्न लुंड ने बताया कि गैस पाइपलाइन में पहला विस्फोट सोमवार तड़के डेनिश द्वीप बोर्नहोम के दक्षिण-पूर्व में हुआ। वहीं, दूसरा विस्फोट द्वीप के उत्तर-पूर्व में हुआ, यह धमाका इतना जबरदस्त था कि इसे 2.3 तीव्रता के भूकंप के बराबर माना गया।
नॉर्ड स्ट्रीम 2 से अभी नहीं शुरू हुई आपूर्ति
पोलैंड के प्रधानमंत्री मातेयूज मोरावेइक्की ने इस घटनाओं को पाइपलाइन में जानबूझकर क्षति पहुंचाए जाने की आशंका जाहिर की है। वहीं डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने कहा कि नॉर्ड स्ट्रीम 1 और 2 में पिछले एक दिन में तीन जगह रिसाव का पता चला और वह इन्हें नुकसान पहुंचाए जाने आशंका से इंकार नहीं कर सकती हैं। रूस की इन दोनों पाइपलाइन में गैस भरी हुई थी, हालांकि फिलहाल इनसे गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के कारण जारी ऊर्जा गतिरोध के कारण फिलहाल नॉर्ड स्ट्रीम 1 से गैस आपूर्ति रोक दी गई है। जबकि उसके बराबर में बिछाई गई नॉर्ड स्ट्रीम 2 से आपूर्ति अभी तक शुरू नहीं की गई है।
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