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मुकेश अंबानी पर मेहरबान ट्रंप सरकार! दे दी एक महीने की राहत, रिलायंस इंडस्ट्रीज के व्यापार से जुड़ा है मामला

Published: Wed, 24 Dec 2025 05:15 PM (IST)

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को रूस की कंपनी से तेल खरीदी जारी रखने के लिए वाशिंगटन ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) को अमेरिकी सरकार ने बड़ी राहत दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दो सूत्रों ने बताया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को वाशिंगटन से एक महीने की छूट मिल गई है जिससे कंपनी को रूस स्थित रोसनेफ्ट द्वारा सप्लाई किए गए ऑयल कार्गो मिलते रहेंगे। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। दरअसल, अमेरिका ने इस रूसी ऑयल प्रोड्यूसर पर प्रतिबंध लगाए थे।

अमेरिका ने अक्टूबर महीने में रूस की कंपनी रोसनेफ्ट और लुकोइल पर बैन लगाए थे, और कंपनियों को इन दोनों एनर्जी फर्मों के साथ ट्रांजैक्शन खत्म करने के लिए 21 नवंबर तक का समय दिया था।

रिलायंस की रोसनेफ्ट के साथ लॉन्ग टर्म डील

रिलायंस इंडस्ट्रीज की रोसनेफ्ट के साथ एक लॉन्ग-टर्म डील है, जिसके तहत वह अपने 1.4 मिलियन bpd रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के लिए हर दिन 500,000 बैरल रूसी तेल खरीदेगा। केप्लर के ट्रेड फ्लो डेटा के अनुसार, 22 नवंबर से रिलायंस को रोसनेफ्ट से रूसी तेल के लगभग 15 कार्गो मिले हैं।

रिलायंस ने कहा है कि उसने 12 नवंबर को रोसनेफ्ट डील के तहत आखिरी कार्गो लोड किया था, और 20 नवंबर के बाद आने वाले रूसी तेल को अपने भारत-केंद्रित 660,000 bpd प्लांट में प्रोसेस करेगा, जिससे वह अपनी 704,000 bpd एक्सपोर्ट-केंद्रित रिफाइनरी से EU को फ्यूल बेचना जारी रख सकेगा।

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Kpler डेटा के अनुसार, रिलायंस को दिसंबर और जनवरी में ट्रेडर RusExport से रूसी तेल का एक-एक कार्गो मिलने वाला है। बता दें कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भारत समुद्र के रास्ते आने वाले रूसी कच्चे तेल का दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार बना है।