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मार्च तिमाही में माइक्रो लोन में 27 प्रतिशत की वृद्धि, तनाव का स्तर भी बढ़ा- रिपोर्ट

माइक्रो लोन पोर्टफोलियो में मार्च 2024 को समाप्त तिमाही में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। क्रिफ हाई मार्क की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछली कई तिमाहियों में स्थिर रहने या सुधार के बाद ऋण चूक के मामलों में समीक्षाधीन तिमाही में मामूली बढ़ोतरी हुई। आंकड़े बताते हैं कि सूक्ष्म वित्त कंपनियों के व्यक्तिगत ऋण बकाया में 38 प्रतिशत से अधिक की पोर्टफोलियो वृद्धि हुई।

By Agency Edited By: Ankita Pandey Published: Tue, 11 Jun 2024 08:48 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 08:48 PM (IST)
माइक्रो लोन में 27 प्रतिशत की वृद्धि, यहां जानें डिटेल

पीटीआई, नई दिल्ली। अलग -अलग ऋणदाताओं के  माइक्रो लोन पोर्टफोलियो में मार्च, 2024 को समाप्त तिमाही में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ऋण सूचना कंपनी क्रिफ हाई मार्क की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछली कई तिमाहियों में स्थिर रहने या सुधार के बाद ऋण चूक के मामलों में समीक्षाधीन तिमाही में मामूली बढ़ोतरी हुई।

ऐसे समय में जब नियामक असुरक्षित कर्ज पर चिंता जता रहा है, आंकड़े बताते हैं कि सूक्ष्म वित्त कंपनियों के व्यक्तिगत ऋण बकाया में 38 प्रतिशत से अधिक की पोर्टफोलियो वृद्धि हुई। यह अन्य अन्य खुदरा परिसंपत्तियों के बीच दूसरी सबसे तेज वृद्धि है।

GLP में बढ़ोतरी

रिपोर्ट में कहा गया कि दिसंबर में सकल ऋण पोर्टफोलियो 28 प्रतिशत बढ़कर 4.42 लाख करोड़ रुपये हो गया। शीर्ष 10 राज्यों का सकल ऋण पोर्टफोलियो (जीएलपी) में 83.5 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें कहा गया कि जनवरी-मार्च के दौरान बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में सबसे तेज वृद्धि हुई।

हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 दिनों से 180 दिनों के बीच की अवधि के लिए अतिदेय ऋण परिसंपत्तियों का अनुपात दिसंबर 2023 में 2 प्रतिशत के स्तर से मार्च में 2.1 प्रतिशत हो गया।

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इस जिले का सबसे खराब प्रदर्शन 

संपत्ति की गुणवत्ता के मामले में तिरुनेलवेली जिला राष्ट्रीय स्तर पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला जिला रहा, उसके बाद कोयंबटूर और मदुरै का स्थान रहा, जिससे तमिलनाडु उन तीन शीर्ष जिलों में शामिल हो गया, जहां सूक्ष्म ऋणदाताओं को अधिकतम तनाव का सामना करना पड़ रहा है।

तमिलनाडु प्रति खाता औसत शेष राशि के मामले में भी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर रहा, जहां प्रति उधारकर्ता 62,200 रुपये बकाया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिक संख्या में सक्रिय ऋण वाले उधारकर्ताओं की देनदारी अधिक है और कहा गया है कि 12 प्रतिशत से अधिक उधारकर्ताओं के पास चार या अधिक सक्रिय ऋण हैं। कर्नाटक उन राज्यों में सबसे आगे है जहां उधारकर्ताओं के पास अधिकतम सक्रिय ऋण हैं। इसने कहा कि 14.2 प्रतिशत एमएफआई उधारकर्ताओं के पास सक्रिय खुदरा ऋण है, जो एक साल पहले की अवधि के 14.9 प्रतिशत से थोड़ा कम है।

हालांकि, संबंधित असुरक्षित ऋण खंड में व्यक्तिगत ऋणों में 38 प्रतिशत की दूसरी सबसे तेज वृद्धि देखी गई है, आंकड़ों में कहा गया है कि संपत्ति ऋण में सबसे तेज 41 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

गोल्ड लोन एमएफआई उधारकर्ताओं द्वारा पसंद किया जाने वाला पसंदीदा खुदरा ऋण उत्पाद बना रहा, जिसमें 41.2 लाख सक्रिय ऋणों के साथ 35,679 करोड़ रुपये का पोर्टफोलियो बकाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उधारदाताओं में, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी-एमएफआई खंड में सबसे अधिक 39.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है, इसके बाद बैंकों की 33.2 प्रतिशत और लघु वित्त बैंकों की 16.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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