नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए लोग आमतौर पर बैंक एफडी में पैसा लगाना पंसद करते हैं। लेकिन अगर आप अपने पैसे पर बेहतर रिटर्न चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra) सेविंग स्कीम्स को जरूर आजमाएं। केवीपी (KVP) योजना एक कम जोखिम वाली बचत स्कीम है। यह सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि यह सरकार द्वारा समर्थित है।

योजना में निवेश की गई राशि के लिए प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। इस योजना में निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि 1,000 रुपये है। इसका मतलब यह है कि अगर आपके पास कम पैसा भी है तो आप इस योजना में निवेश कर सकते हैं। 50,000 रुपये से अधिक के निवेश के लिए पैन कार्ड की जरूरत पड़ती है।

10 साल में दोगुना हो जाएगा पैसा

किसान विकास पत्र (केवीपी) डाक विभाग द्वारा दी जाने वाली नौ डाकघर बचत योजनाओं में से एक है। इसे जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए सबसे अच्छी छोटी बचत योजनाओं में से एक माना जाता है। वर्तमान नियम और शर्तों के मुताबिक अगर आप इस योजना में पैसा लगाते हैं तो 10 साल और 4 महीने (124 महीने) की अवधि में आपका पैसा दोगुना हो जाएगा।

इंडिया पोस्ट की KVP योजना के तहत KVP सेर्टिफिकेट खरीदने के लिए आपको अधिक पैसा भी नहीं देना होगा। सिर्फ 1000 रुपया लगाकर आप यह सेर्टिफिकेट खरीद सकते हैं। आपको बता दें कि इस योजना में पैसा लगाने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। इसका मतलब यह है कि आप जितना चाहें, इस योजना में उतना पैसा लगा सकते हैं। किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra- KVP)को पहली बार 1988 में लॉन्च किया गया था। वर्तमान में इसमें 6.9 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती है।

मिलता है चक्रवृद्धि ब्याज

इसमें सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। आपके द्वारा निवेश किया गया पैसा 10 साल और 4 महीने में डबल हो जाता है। इस योजना के तहत कितने भी खाते खोले जा सकते हैं।

कौन लगा सकता है पैसा

इंडिया पोस्ट की वेबसाइट के अनुसार, कोई भी वयस्क इस योजना में अपना खाता खोल सकता है। 3 वयस्क मिलकर संयुक्त खाता खोल सकते हैं। नाबालिग या कमजोर दिमाग वाले व्यक्ति की ओर से कोई संरक्षक खाता खोल सकता है। 10 साल से ऊपर का कोई नाबालिग भी अपने नाम पर खाता खोल सकता है। केवल भारत में रहने वाले भारतीय ही KVP प्रमाणपत्र खरीदने के पात्र हैं। अनिवासी भारतीयों को केवीपी योजना में निवेश करने की अनुमति नहीं है।

परिपक्वता

वर्तमान ब्याज दर के आधार पर आपको योजना की म्योचोरिटी पर जितना पैसा मिलेगा, वह आपके केवीपी प्रमाणपत्र पर पहले से ही लिखा होता है। इसका मतलब यह है कि भले ही मैच्योरिटी के समय ब्याज दर बदल गई हो, लेकिन आपके रिटर्न में इस बदलाव का कोई असर नहीं होगा। ब्याज दरों में गिरावट के बावजूद आपको जितने पैसे का वादा किया गया था, वह दिया जाएगा।

क्या समय से पहले निकाल सकते हैं पैसा

किसान विकास पत्र निवेशकों को समय से पहले निकासी की अनुमति देता है। हालांकि यदि आप यह स्कीम लेने के एक वर्ष के भीतर इसे तोड़ते हैं तो आप पर पेनाल्टी लगेगी। अगर आप सर्टिफिकेट खरीदने के बाद एक साल से ढाई साल के बीच पैसे निकालते हैं तो कोई पेनाल्टी नहीं लगेगी, लेकिन आपका ब्याज कम हो जाएगा। ढाई साल के बाद किसी भी समय आप पैसा निकल सकते हैं। इस पर आपको कोई जुर्माना या ब्याज नहीं देना होगा।

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Edited By: Siddharth Priyadarshi

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