कोलकाता । रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान ने कहा है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह चुनौती भरा वक्त है। कमजोर ऋण, परिसंपत्तियों की दुर्बलता और कमजोर मुनाफा इसकी वजह है। खान ने कहा कि पिछले दो साल बैंकिंग उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं।

बैंकों के शेयरों पर रिटर्न कम हुए हैं और संपत्तियां घट रही हैं, जबकि फंसे हुए कर्ज (बेड लोन) में भी इजाफा हुआ है। इस पर भी भारतीय बैंकों को पूंजी जरूरतों के अंतरराष्ट्रीय मानकों की पूर्ति करना है। बैंकों में सरकार द्वारा 75 हजार करोड़ रुपए की पूंजी लगाने के कार्यक्रम से पूंजी पर्याप्तता मानकों में सुधार होगा। खान ने कहा कि आने वाले दिनों में बैंकिंग क्षेत्र और प्रतिस्पर्धी बनेगा। अगले माह रिजर्व बैंक कुछ छोटी वित्तीय बैंकों को लाइसेंस देगा। पिछले सप्ताह ही देश के एकमात्र केन्द्रीय बैंक (रिजर्व बैंक) ने 11 संस्थानों को 18 माह में पेमेंट्स बैंक शुरू करने की सैद्धांतिक सहमति दी है।

रिजर्व बैंक घटा सकता है ब्याज दर

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