Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    India Export Data June: जून में 22 प्रतिशत घटा निर्यात, अमेरिका और यूरोप में मंदी बनी वजह

    India Export Data June अमेरिका और यूरोप के बाजारों में मंदी आने के चलते जून माह में भारत के निर्यात में गिरावट देखने को मिली है। एक्सपोर्ट प्रमोश काउंसिल द्वारा कहा गया कि मांग में बढ़ोतरी आने वाले महीनों में देखने को मिल सकती है। निर्यात के साथ आयात में भी कमी आई है और व्यापार घाटा घटकर 57.6 अरब डॉलर रह गया है।

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav ShalyaUpdated: Fri, 14 Jul 2023 06:02 PM (IST)
    Hero Image
    जून में निर्यात 20.3 अरब डॉलर पर रहा है।

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। India Export Data June: भारत का निर्यात में जून में 22 प्रतिशत गिरकर 32.97 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जून 2023 के निर्यात में होने वाले ये गिरावट पिछले तीन सालों हुई अधिक है। निर्यात में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और यूरोप के बाजारों में मांग में कमी आने को माना जा रहा है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) की ओर से जारी किए गए डाटा के मुताबिक, जून में व्यापार घाटा 20.3 अरब डॉलर पर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 22.07 अरब डॉलर था। इस दौरान मालवाहक जाहजों की आवक भी 17.48 प्रतिशत गिरकर 53.10 अरब डॉलर पर आ गई है। मई 2020 में कोरोना के कारण निर्यात में 36.47 प्रतिशत की गिरावट हुई थी।

    वैश्विक कारणों के चलते आई गिरावट

    कॉमर्स सेक्रेटरी सुनिल बर्थवाल ने कहा कि ट्रेड सेक्टर की ग्रोथ वैश्विक कारणों पर निर्भर करती है। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं जैसे यूरोप और अमेरिका में गिरावट के कारण निर्यात में गिरावट हुई है। इसके पीछे की बड़ी वजह महंगाई भी है। दुनिया के केंद्रीय बैंकों की ओर से मौद्रिक पॉलिसी को सख्त करने के कारण मांग में कमी देखने को मिली है।

    एक्सपोर्ट प्रमोश काउंसिल की ओर से कहा गया कि मांग में बढ़ोतरी आने वाले महीनों में देखने को मिल सकती है।

    पहली तिमाही में घटा निर्यात

    अप्रैल-जून तिमाही के दौरान निर्यात में 15.13 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है और यह 102.68 अरब डॉलर रहा है। पिछले साल के मुकाबले आयात 12.67 प्रतिशत गिरकर 160.28 अरब डॉलर रह गया है। इसी कारण पहली तिमाही में व्यापारिक घाटा 7.9 प्रतिशत घटकर 57.6 अरब डॉलर रह गया हैस जो पिछले साल 62.6 अरब डॉलर था।