सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

GST Collection: अगस्त में 11 प्रतिशत बढ़ा सरकारी खजाना, जीएसटी कलेक्शन बढ़कर पहुंचा 1.60 लाख करोड़

By AgencyEdited By: Gaurav Kumar
Published: Fri, 01 Sep 2023 02:18 PM (IST)

पिछले अगस्त महीने में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह साल दर साल 11 फीसदी बढ़ा है। आज राजस्व सचिव ...और पढ़ें

बढ़ते अनुपालन और कम चोरी के कारण जीएसटी के कलेक्शन में ये वृद्धि देखी गई है।
बढ़ते अनुपालन और कम चोरी के कारण जीएसटी के कलेक्शन में ये वृद्धि देखी गई है।

नई दिल्ली, एजेंसी: बिते महीने अगस्त में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का कलेक्शन साल दर साल के आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ा है। राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ​​ने आज जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ते अनुपालन और कम चोरी के कारण जीएसटी के कलेक्शन में ये वृद्धि देखी गई है।

कितना हुआ कलेक्शन?

आपको बता दें कि अगस्त 2023 में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) कलेक्शन 1.60 लाख करोड़ रुपये रहा जो अगस्त 2022 में 1,43,612 करोड़ रुपये था।

आज शाम तक जारी होंगे जीएसटी के आंकडे

आपको बता दें कि समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा अगस्त के लिए अपेक्षित जीएसटी रेवेन्यू संख्या पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसका डेटा आज शाम तक जारी किया जाएगा।

मल्होत्रा ने कहा कि

जून तिमाही के दौरान जीएसटी राजस्व 11 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। इसका अर्थ है टैक्स:जीडीपी अनुपात 1.3 से अधिक है

मल्होत्रा ​​ने कहा कि जीएसटी संग्रह नॉमिनल जीडीपी से अधिक बढ़ गया है और यह कर दरों में कोई वृद्धि नहीं होने के बावजूद है।

क्या है जीएसटी?

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष टैक्स है जिसने भारत में कई अप्रत्यक्ष करों जैसे उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर आदि का स्थान ले लिया है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स अधिनियम 29 मार्च 2017 को संसद में पारित किया गया और 1 जुलाई 2017 को इसे लागू किया गया था।

कल जारी हुए थे जीडीपी के आंकड़े

आपको बता दें कि कल एनएसओ ने भारत की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी करते हुए यह बताया था कि पहली तिमाही में जीडीपी में 7.8 प्रतिशत बढ़ोतरी देखी गई है। एनएसओ के आंकड़ो के मुताबिक कृषि, वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विस के क्षेत्र में बढ़ोतरी देखी गई ।

वहीं विनिर्माण क्षेत्रखनन और उत्खनन सेक्टर, निर्माण क्षेत्र, बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाएं के क्षेत्र में जीडीपी के आंकड़े नाकारात्मक आए हैं।