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    मुद्रास्फीति पर सरकार की नजर, पीएलआइ जैसी नीतियों के कारण भारत में तेजी से बढ़ रहा निजी निवेश: सीतारमण

    By Jagran NewsEdited By: Sonali Singh
    Updated: Wed, 21 Dec 2022 07:26 PM (IST)

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि महंगाई की वजह ईंधन और उर्वरकों की बढ़ती कीमतें हैं और सरकार मुद्रास्फीति पर नजर रख रही है। वहीं इस साल 71 मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज को बंद किया गया है।

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    Private Investment In India Is Increasing Rapidly- Nirmala Sitharaman

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सरकार मुद्रास्फीति पर नजर रख रही है और फिलहाल महंगाई की वजह ईंधन और उर्वरकों की बढ़ती कीमतें हैं, जिन पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। राज्यसभा में अनुपूरक अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि थोक मुद्रास्फीति 21 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। थोड़ी देर बहस के बाद राज्यसभा ने अनुपूरक अनुदान मांगों को लोकसभा को वापस कर दिया और इस तरह सरकार को वित्त वर्ष 2022-23 में अतिरिक्त 3.25 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की संसद की अधिकृत मंजूरी मिल गई।

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    उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर में घटकर 5.88 प्रतिशत रह गई।मंत्री ने यह भी कहा कि पीएलआइ जैसी अनुकूल नीतियों के कारण भारत में निजी निवेश बढ़ रहा है। सीतारमण ने इस बात पर भी जोर दिया कि अनुपूरक अनुदान मांगें खाद्य सुरक्षा, उर्वरक आवश्यकताओं और भारतीय अर्थव्यवस्था को सहायता प्रदान करने के लिए हैं।

    उन्होंने कहा कि कर संग्रह में उछाल से सरकार को अतिरिक्त व्यय को पूरा करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि मार्च, 2022 में बैंकों का सकल एनपीए घटकर छह साल के निचले स्तर 5.9 प्रतिशत पर आ गया है।

    मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज हुए बंद 

    सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस वर्ष अब तक 71 मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज को बंद किया गया है। इनमें से अधिकतर राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा में स्थित हैं। राज्यसभा में अपने लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर, 2022 तक पांच मल्टी स्टेट कोआपरेटिव बैंक को बंद किया गया है।

    71 मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटीज में 15 राजस्थान की,  महाराष्ट्र की 13, दिल्ली की 11 और ओडिशा की 11सोसाइटीज को बंद किया जा चुका है। प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज (पैक्स) के संबंध में किए गए प्रश्न के उत्तर में शाह ने कहा कि 48,907 पैक्स लाभ में थी, जबकि 24,243 घाटे में थी। पैक्स अल्पकालिक सहकारी ऋण संरचना का सबसे निचला स्तर है और भारतीय अर्थव्यवस्था के कृषि और ग्रामीण दशा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पैक्स ऋण सुविधा प्रदान करने के साथ ही किसानों को बीज और उर्वरक आदि का वितरण करते हैं।

    लद्दाख में मोबाइल कनेक्शन की प्रीपेड सेवाएं हुई उपलब्ध

    गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में मोबाइल कनेक्शन की प्रीपेड सेवाएं उपलब्ध हैं और काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर, 2022 तक लद्दाख में मोबाइल कनेक्शनों की कुल संख्या 5,82,473 है। इसमें पोस्ट-पेड कनेक्शनों की संख्या 30 नवंबर, 2022 तक 2,71,829 है, जबकि प्री-पेड कनेक्शनों की संख्या 3,10,644 है।

    एक प्रश्न के उत्तर में राय ने कहा कि केंद्रीय संगठनों यानी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों में पुलिस अधीक्षक से लेकर महानिदेशक स्तर तक के आइपीएस अधिकारियों द्वारा नियुक्त किए जाने वाले 226 पद खाली हैं।

     98 एफडीआइ प्रस्तावों को मिली मंजूरी

    सरकार ने अप्रैल, 2020 के बाद से अब तक ट्रेडिंग और इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्रों से प्राप्त 423 में से 98 एफडीआइ प्रस्तावों को मंजूरी दी है। खास बात यह है कि ये सभी प्रस्ताव उन देशों से मिले थे, जिनकी सीमा भारत से मिलती है। वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री सोम प्रकाश ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि इनमें से कई प्रस्ताव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चीन से मिले हैं।

    प्राप्त प्रस्तावों में से अधिकांश व्यापार, प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रानिक्स, आटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, वित्तीय सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स और रसायन क्षेत्रों से मिले थे। जिन देशों की सीमा भारत से मिलती है, उसमें चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल है। सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के मुताबिक इन देशों से आने वाले एफडीआइ प्रस्तावों को सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है।

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