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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gold Price Today: 3400 रुपये से अधिक गिरा सोने का रेट, अगले हफ्ते कहां तक जाएंगी गोल्ड की कीमतें

By Siddharth PriyadarshiEdited By: Siddharth Priyadarshi
Published: Sat, 25 Feb 2023 12:00 PM (IST)Updated: Sat, 25 Feb 2023 12:34 PM (IST)

Gold Silver Price इस हफ्ते सोने का रेट 3400 रुपये से अधिक गिरा। उच्चतम स्तर तक पहुंचने के बाद सोना ...और पढ़ें

Gold Silver Price Today: Gold Became 3400 Cheaper This Week, Check Rates For Next Week
Gold Silver Price Today: Gold Became 3400 Cheaper This Week, Check Rates For Next Week

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Gold Price Today: मजबूत अमेरिकी डॉलर और यूएस में ब्याज दर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए कीमतें सप्ताह में 1.45 प्रतिशत गिर गईं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 2023 के लिए गोल्ड फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट ऑल टाइम हाई 58,847 प्रति 10 ग्राम से कम 3,431 रुपये कम होकर 55,416 प्रति 10 ग्राम पर समाप्त हुआ।

Gold Silver Price Today अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत में 1.68 प्रतिशत साप्ताहिक नुकसान हुआ।पिछले एक सप्ताह में सोना 1,841 से 1,809 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया। उधर यूएस डॉलर ने सप्ताह में अपनी रैली जारी रखी। यह 105 स्तर पर चढ़ गया और शुक्रवार को बाजार बंद होते समय यह 105.19 पर था।

वैश्विक परिस्थितियों का असर

कमोडिटी मार्केट के जानकारों के अनुसार, सोने की कीमतों का पिछला सपोर्ट लगभग 1,820 डॉलर के स्तर तक रखा गया था। अब अंतरराष्ट्रीय स्पॉट मार्केट में इसका तत्काल समर्थन 1,785 से 1,780 डॉलर तक है। डॉलर इंडेक्स एक अहम फैक्टर है, लेकिन सोने की कीमतें इसलिए भी गिर रही हैं, क्योंकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की हाई लेंडिंग कॉस्ट ने बुलियन निवेश की लागत बढ़ा दी है।

रूस-यूक्रेन युद्ध, तुर्किये का भूकंप और इसके चलते उपजे भू-राजनीतिक तनाव वाले हालात निवेशकों के रडार पर रहेंगे और सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

सोने की कीमत पर यूएस डॉलर का असर

दुनियाभर में सोने की कीमतें क्यों गिर रही हैं, इस बारे में पूछे जाने पर एनरिच इन्वेस्टमेंट के संजय अस्थाना कहते हैं कि पिछले हफ्ते कीमती धातुओं में गिरावट आई, क्योंकि फेड के मीटिंग मिनटों ने मौद्रिक नीति में सख्ती जारी रहने के संकेत दिए हैं। फेड की फरवरी की बैठक के मिनटों से पता चलता है कि इसकी मौद्रिक नीति समिति के अधिकांश सदस्य इस वर्ष ब्याज दरों को बढ़ाने के पक्ष में हैं, क्योंकि मुद्रास्फीति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।

संजय बताते हैं कि सोना एक ऐसा निवेश है, जिस पर आपको कोई ब्याज नहीं मिलता। कीमत में वृद्धि से मिलने वाला रिटर्न ही इसका प्रॉफिट है। अमेरिका जैसे देशों में होने वाली किसी भी आर्थिक उथल-पुथल का सोने के अंतरराष्ट्रीय रेट पर असर पड़ता है। अमेरिका में कोर मुद्रास्फीति 0.6 प्रतिशत तक तेज हो गई, जिससे डॉलर इंडेक्स बढ़ने लगा। निवेशक डॉलर बचाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

किस तरफ जाएंगी सोने की कीमतें

संजय आस्थाना कहते हैं कि सोने की कीमतें एक सुधारात्मक रैली देख रही हैं, लेकिन आगे गिरावट जारी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों ने 1,820 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण समर्थन को तोड़ा है। 1785-1780 डॉलर प्रति औंस तक इनका नया सपोर्ट हो सकता है। रुपये की बात करें तो अगले सप्ताह सोने का सपोर्ट 54,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक और प्रतिरोध 56,000 तक है।