कर्ज माफी के झूठे विज्ञापनों से सतर्क रहें ग्राहक, RBI ने कही ये बड़ी बात
RBI ने जनता को कर्ज माफी की पेशकश से संबंधित भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सोमवार को आगाह किया। ऐसी संस्थाओं द्वारा बिना किसी अधिकार के ऋण माफी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सेवा/कानूनी शुल्क वसूलने की भी खबरें हैं। आरबीआइ ने कहा ऐसी संस्थाएं गलतबयानी कर रही हैं कि बैंकों सहित वित्त संस्थानों का बकाया चुकाने की जरूरत नहीं है।
पीटीआई, नई दिल्ली। RBI ने जनता को कर्ज माफी की पेशकश से संबंधित भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सोमवार को आगाह किया। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उसने कर्ज माफी की पेशकश करके कर्जदाताओं को लुभाने वाले कुछ भ्रामक विज्ञापनों पर गौर किया है।
ये संस्थाएं प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर भी ऐसे कई अभियानों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही हैं।
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RBI ने क्या कहा?
ऐसी संस्थाओं द्वारा बिना किसी अधिकार के 'ऋण माफी प्रमाणपत्र' जारी करने के लिए सेवा/कानूनी शुल्क वसूलने की भी खबरें हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि कुछ स्थानों पर कुछ लोगों द्वारा कर्ज माफी की पेशकश से संबंधित अभियान चलाए जा रहे हैं, जो अपने अधिकारों को लागू करने में बैंकों के प्रयासों को कमजोर करते हैं।
वित्तीय नुकसान की आशंका
आरबीआइ ने कहा, 'ऐसी संस्थाएं गलतबयानी कर रही हैं कि बैंकों सहित वित्त संस्थानों का बकाया चुकाने की जरूरत नहीं है।' आरबीआई ने आगाह किया कि ऐसी संस्थाओं के साथ जुड़ने से सीधे तौर पर वित्तीय नुकसान हो सकता है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि जनता को आगाह किया जाता है कि वे ऐसे झूठे व भ्रामक अभियानों का शिकार न बनें और ऐसी घटनाओं की शिकायत कानून प्रवर्तन एजेंसियों से करें।
अधिकांश परिवारों को महंगाई बढ़ने की उम्मीद
आरबीआइ द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार देश के अधिकांश परिवारों का मानना है कि आने वाले तीन महीनों से एक साल के दौरान महंगाई में बढ़ोतरी हो गई। दो से 11 नवंबर के बीच देश के 19 प्रमुख शहरों में यह सर्वे किया गया था। सर्वे में महिलाओं की हिस्सेदारी 50.1 प्रतिशत थी।
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