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    इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन नहीं बढ़ी, क्या अब भी बिना जुर्माने के फाइल कर सकते हैं ITR?

    Updated: Tue, 06 Aug 2024 12:17 PM (IST)

    इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन नहीं बढ़ाई। इसका मतलब कि आप टैक्सपेयर्स को बिलेटेड आईटीआर दाखिल करना होगा। इसके लिए 5000 रुपये तक की पेनल्टी भी भरनी पड़ सकती है। हालांकि अभी भी कुछ करदाता बिना जुर्माने के रिटर्न फाइल कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना होगा।

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    आपकी सालाना कमाई 5 लाख रुपये से कम है, तो 1000 रुपये की पेनल्टी देनी पड़ेगी।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई 2024 थी, जो अब बीत चुकी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, 31 जुलाई तक 7 करोड़ से अधिक करदाताओं ने अपना रिटर्न दाखिल किया था। इनमें से ज्यादातर ने न्यू टैक्स रिजीम को चुना था। हालांकि, अब भी कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने आईटीआर नहीं भरा है।

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    आइए जानते हैं कि डेडलाइन खत्म होने के बाद आईटीआर दाखिल करने की क्या प्रक्रिया है और क्या अभी भी बगैर जुर्माने के इनकम टैक्स रिटर्न भरा जा सकता है।

    डेडलाइन के बाद कैसे भरें आईटीआर

    आप डेडलाइन खत्म होने के बाद भी वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। लेकिन, यह बिलेटेड आईटीआर होगा और इसके लिए आपको 5000 रुपये तक की पेनल्टी भी भरनी पड़ेगी। अगर आपकी सालाना कमाई 5 लाख रुपये से कम है, तो आपको 1000 रुपये की पेनल्टी देनी पड़ेगी। वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक सालाना इनकम वालों के लिए पेनल्टी 5000 रुपये हो जाएगी।

    बिलेटेड आईटीआर भरने के नुकसान

    • बिलेटेड आईटीआर भरने पर टैक्स स्लैब के अनुसार जुर्माना देना पड़ सकता है।
    • डेडलाइन के बाद आईटीआर दाखिल करने पर रिफंड मिलने में भी देरी होगी।
    • आपको देरी से रिफंड पर कोई ब्याज भी नहीं मिलेगा, जो सामान्य स्थिति में मिलता है।
    • आपको बिलेटेड आईटीआर में गलती को रिवाइज करने का मौका भी नहीं मिलेगा।
    • इससे गलती पकड़े जाने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच का खतरा बढ़ जाता है।

    किन टैक्सपेयर्स को पेनल्टी से छूट

    अगर आप जीरो रिटर्न फाइल करते हैं यानी आपकी टैक्स देनदारी शून्य है, तो आप बिना किसी जुर्माने के भी डेडलाइन के बाद आईटीआर फाइल कर सकते हैं। इसमें ध्यान रखने वाली बात यह है कि आपको किसी डिडक्शन को क्लेम करने की इजाजत नहीं मिलेगी। आपकी आमदनी सीधे बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट के अंदर आनी चाहिए।

    न्यू टैक्स रिजीम में बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट सभी के लिए 3 लाख रुपये है। वहीं, ओल्ड टैक्स रिजीम में 60 साल से कम उम्र वालों के लिए बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट 2.5 लाख रुपये है। 60-80 साल के लिए 3 लाख रुपये और 80 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए 5 लाख रुपये है। इस दायरे में आने वाले लोग बिना जुर्माने के रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

    जीरो रिटर्न पर भी लग सकती है पेनल्टी

    अगर आप डेडलाइन खत्म होने के बाद जीरो रिटर्न भी कर रहे हैं, तो कुछ कंडीशन में पेनल्टी लग सकती है। ऐसे में आईटीआर फाइल करते आपको इनका ध्यान रखना चाहिए। ये शर्तें हैं:

    • बैंक में एक या एक से ज्यादा खातों में 1 करोड़ या इससे अधिक की रकम जमा की हो।
    • किसी साल में 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा के बिजली बिल का पेमेंट किया हो।
    • अपनी या परिवार की विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये या इससे ज्यादा खर्च किए हो।
    • आपके पास किसी गैर-भारतीय कंपनी में स्टॉक्स जैसे विदेशी असेट्स का मालिकाना हक हो।

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