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    तीन लाख की ठगी छिपाने को रची स्कॉर्पियो लूट की साजिश, झूठी प्राथमिकी का खुलासा

    By Manoj Mishra Edited By: Ajit kumar
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 03:57 PM (IST)

    मनुआपुल पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी छिपाने के लिए रची गई स्कॉर्पियो लूट की झूठी साजिश का पर्दाफाश किया है। मुख्य आरोपी सत्यें ...और पढ़ें

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    पैसा हजम करने के लिए साजिश के तहत दिया था स्कॉर्पियो। प्रतीकात्मक फोटो

    संवाद सूत्र, मनुआपुल (पश्चिम चंपारण)। नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी को छिपाने के लिए स्कॉर्पियो लूट की झूठी कहानी गढ़ी गई थी। पुलिस ने तीन दिनों के भीतर मामले का पर्दाफाश करते हुए स्कॉर्पियो मालिक समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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    मनुआपुल थानाध्यक्ष रवि कुमार ने बताया कि इस कांड के वादी खैरटिया निवासी सत्येंद्र पांडेय हैं। जांच में बानुछापर थाना क्षेत्र के बेलवा औरैया निवासी बिहारी पटेल, सूरज कुमार और साठी थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी अखिलेश कुमार की संलिप्तता सामने आई है। अखिलेश बिना किसी कागजात के स्कॉर्पियो लेकर चला गया था और लूट की प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस को सूचना नहीं दी।

    तीन दिन में खुली साजिश

    थानाध्यक्ष के अनुसार, 29 दिसंबर को सत्येंद्र पांडेय ने स्कॉर्पियो लूट की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि इलाज के लिए वह साथियों के साथ लखनऊ गया था और लौटते समय छावनी ओवरब्रिज के पास नकाबपोश अपराधियों ने स्कॉर्पियो लूट ली। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन घटनास्थल और बयान में कई विरोधाभास सामने आए।

    CCTV फुटेज से बढ़ा शक

    जांच के दौरान लखनऊ से मंगाए गए सीसीटीवी फुटेज में सत्येंद्र पांडेय के साथ प्राथमिकी में बताए गए लोगों से अधिक व्यक्ति दिखाई दिए। पूछताछ में आरोपी बार-बार बयान बदलते रहे। कड़ाई से पूछताछ करने पर सभी ने साजिश की बात कबूल कर ली।

    पैसा हजम करने की थी मंशा

    पुलिस के अनुसार, सत्येंद्र पांडेय ने अखिलेश कुमार से नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने पर वह रकम लौटाने से बचना चाहता था। इसी मंशा से उसने साजिश के तहत अखिलेश को स्कॉर्पियो दे दी और लूट की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई।

    उसका इरादा था कि या तो स्कॉर्पियो बरामद होने पर अखिलेश फंस जाएगा, या फिर वाहन न मिलने पर इंश्योरेंस की रकम मिल जाएगी। लेकिन जांच में साजिश उजागर हो गई।

    पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी सत्येंद्र पांडेय पहले भी जालसाजी के मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।