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    वीटीआर के पास भंगहा में बाघिन आई बच्चे संग, गांव में मचा हड़कंप

    By Pankaj Kumar Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 06:01 PM (IST)

    पश्चिम चंपारण के भंगहा बाजार के पास ब्रह्म स्थान पर सोमवार सुबह एक बाघिन को अपने शावकों के साथ देखा गया। ग्रामीणों के अनुसार, बाघिन वीटीआर के जंगल से ...और पढ़ें

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    इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    संवाद सूत्र, मैनाटाड़ (पश्चिम चंपारण)। प्रखंड के भंगहा बाजार से सटे ब्रह्म स्थान के पास सोमवार की सुबह अपने शावक के साथ एक बाघिन टहलते हुई देखी गई है। ग्रामीणों के अनुसार बाघिन अपने शावकों के साथ पास के वीटीआर के जंगल से निकली हुई लग रही थी।
    बाघिन की मौजूदगी की घटना की सूचना पर आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।

    ग्रामीण जय कुमार, शिवाजी पासवान, राजेंद्र साह ,बृजेश माझी ,विदुर माझी आदि ने बताया कि सोमवार के सुबह हमलोग ब्रह्म स्थान के तरफ जा रहे थे। तभी उनकी नजर शावक के साथ बाघिन पड़ी। वे जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बाघिन शावक के साथ गन्ने के खेत में घुस गई।

    हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है। शावक के साथ बाघिन को देख ग्रामीण काफी डर गए और उल्टे पांव गांव की ओर भागे। इसकी सूचना ग्रामीणों को दी।

    ग्रामीण जब तक बताए स्थान पर पहुंचते, तब तक बाघिन शावक के साथ गन्ने के खेत में प्रवेश कर गई थी।
    रेंजर सुनील पाठक ने बताया कि वीडियो और फोटो देखने से तो बाघिन का पद चिह्न स्पष्ट नहीं दिख रहा है,फिर भी वन कर्मियों को भेजकर जांच कराई जा रही है। लोगों को उधर नहीं जाने की हिदायत दी गई है। चिह्नित जगह पर वन विभाग की पैनी नजर है।

    सात दिन पूर्व भी भंगहा सरेह में दिखा था बाघ

    ग्रामीणों ने बताया कि सात दिन पूर्व भंगहा गांव के संदेह में ही बाघ ने नीलगाय को गन्ना के खेत में मार डाला था। वहां पर भी बाघ का पदचिह्न स्पष्ट देखा गया था।कई दिनों के बाद भी वन विभाग उस बाघ का ट्रैक नहीं कर पाया।

    जंगल की ओर बाघ के लौट जाने की बात बता वन विभाग भले ही संतुष्ट हो गया हो, लेकिन भगंहा, सिसवा ताजपुर,कोटवा, प्रतापपुर भंगहा नगरदेही आदि दर्जनों गांवों के लोग बाघ के डर के साये में जी रहे हैं।

    लोगों ने बताया कि बाघ के चलते हम खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं। जिसके कारण खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल सहित सब्जियों को नीलगाय,हिरण, जंगली सूअर, बंदर आदि जानवर नष्ट कर रहे हैं। रात को कौन कहे दिन में भी बाघ के भय से किसान खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं।