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    बिहार में बांग्लादेशी घुसपैठ कराने वाला सरफराज गिरफ्तार, नेपाल से जुड़ा कनेक्शन

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 08:20 AM (IST)

    चनपटिया के सरफराज अंसारी को रक्सौल सीमा से तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश कराने के प्रयास में गिरफ्तार किया गया है। वह छह महीने से नेपाल ...और पढ़ें

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    बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसाने के प्रयास में सरफराज गिरफ्तार। फाइल फोटो

    संवाद सूत्र, चनपटिया। पूर्वी चंपारण के रक्सौल बार्डर से तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसाने के प्रयास में गिरफ्तार चनपटिया का महना कुली निवासी एजाज अंसारी के पुत्र सरफराज अंसारी (20 वर्ष) विगत छह माह से नेपाल में रहता था।

    बीते विधानसभा चुनाव के दौरान वह घर आया था। कुछ दिन यहां रहने के बाद वापस फिर नेपाल में चला गया। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चा है। हालांकि गांव के लोग भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

    बताया जाता है कि उसके दादा रहमतुल्ला अंसारी पिछले कई वर्षों से नेपाल में रहकर होडिंग लगाने का व्यवसाय करते हैं। छह माह पहले काम में हाथ बंटाने के लिए उन्होंने अपने पोते सरफराज अंसारी को नेपाल बुला लिया था।

    तब से वह नेपाल में रह रहा था। बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसाने के प्रयास में उसकी गिरफ्तारी की जानकारी होने के बाद गांव के लोग सन्न हैं। हालांकि, जब वह घर आया था तो उसका रहन-सहन देखकर लोगों को आशंका हो गई थी कि वह किसी न किसी गलत संगत में है। उसका संपर्क घुसपैठियों से है, इसकी आशंका किसी को नहीं थी।

    शुक्रवार को गांव में उसकी गिरफ्तारी की ही चर्चा होती रही। गिरफ्तारी की सूचना पर उसके नाते रिश्तेदार भी उसके घर आए थे। पत्रकार जब उसके घर जानकारी लेने पहुंचे तो उसके स्वजन भड़क गए।

    घर वालों ने उसके बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। घर वालों का तेवर देख आसपास के लोग भी अपना मुंह खोलने से परहेज कर रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों ने दबी जुबान कहा कि, जो जैसा करेगा वैसा ही फल मिलेगा।

    गांव में बनाया है आलीशान मकान

    आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ दशक पहले उसके परदादा फूस के घर में जल वितरण प्रणाली का दुकान चलाते थे। पहले तो उसके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन हाल के वर्षों में गांव में सरफराज का आलीशान मकान है।

    लोगों के मन में लंबे अरसे से यह सवाल तैर रहा है कि सामान्य आर्थिक स्थिति होने के बावजूद इतना भव्य मकान बनाने के लिए पैसे कहां से आए हैं।

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    पांच वर्ष पहले छोड़ दिया पढ़ाई

    सरफराज अंसारी की शिक्षा मैट्रिक तक हुई है। पांच वर्ष पहले मैट्रिक उत्तीर्ण करने के बाद वह पढ़ाई छोड़ दिया। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह घर पर ही रहता था। नेपाल जाने के बाद वह घुसपैठ कराने वालों के संपर्क में कब आया, किसी को पता नहीं है। हालांकि लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।