बगहा में ग्रामीणों से रूबरू हुए राज्यपाल, युवाशक्ति को उद्यमिता के लिए सराहा; कहा- स्वरोजगार से संवर रही तकदीर
Bihar News राज्यपाल आर्लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचे। यहां बच्चों ने गुलाब देकर और महिलाओं ने शंख बजा व पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण): सूबे के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ठाढ़ी गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाशक्ति ही राष्ट्र की धुरी हैं। जिस तरह के बिहार के पढ़-लिखे युवाओं ने नौकरी के पीछे भागने की सनक को छोड़कर खेती-किसानी, उद्यमिता और स्वरोजगार को अपनाया है, इससे निश्चित रूप से तकरीद संवर रही है।
गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
राज्यपाल रविवार की दोपहर बगहा के वाल्मीकिनगर में मौजूद ठाढ़ी गांव में आम लोगों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले अपने दो दिवसीय दौरे पर सड़क मार्ग से वाल्मीकिनगर पहुंचे राज्यपाल आर्लेकर का स्थानीय स्तर पर जोरदार स्वागत किया गया।
वाल्मीकिनगर के अतिथि भवन में जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वो अपने कारकेड के साथ वन विभाग के अतिथि गृह पहुंचे। जहां उन्होंने मुखिया, सरपंचों, वॉर्ड सदस्यों समेत अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में केंद्र व राज्य प्रायोजित योजनाओं को मूर्त रूप देने में आ रही चुनौतियों पर चर्चा हुई। राज्यपाल आर्लेकर ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, स्वच्छ भारत अभियान समेत केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाओं का लाभ सूबे के हर तबके को मिले, इसकी जवाबदेही आप सभी के कंधों पर है।
जन प्रतिनिधित्व के मौके को समाजसेवा का ध्येय बनाकर काम करें, निश्चित रूप से हम सभी लक्ष्य के करीब होंगे।
गोद भराई रस्म में हुए शामिल
राज्यपाल आर्लेकर प्राथमिक विद्यालय ठाढ़ी में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचे। यहां केंद्र के पांच बच्चों ने गुलाब देकर और महिलाओं ने शंख बजा व पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने दीप प्रज्जवलित कर गोद भराई रस्म को पूरा किया।
महिला जानकी देवी को आशीष दिया तथा मौजूद लोगों का अभिवादन कर राज्यपाल ने जन संवाद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।
राज्यपाल को सुनाई रोजगार की कहानी
ठाढ़ी गांव निवासी रवींद्र कुमार ने राज्यपाल को बताया कि वो रसायन विज्ञान से स्नातक है। नौकरी के पीछे दौड़ने की बजाय उन्होंने केला, पपीता, स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च की बागवानी को करियर के रूप में चुना। वो इसमें सफल भी हो रहे और फिलहाल एक दर्जन लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे।
ठाढ़ी गांव निवासी सुमित कुमार ने कहा कि पहले गांव में पेयजल की समस्या थी। लेकिन नल से जलापूर्ति योजना का लाभ मिलना जबसे शुरू हुआ, यह समस्या दूर हो चुकी है। गांव में जल जमाव की समस्या नहीं है, स्वच्छता गांव की पहचान बन चुकी है।
संतपुर सोहरिया की महिला राजकली देवी ने कहा कि मधुमक्खी पालन, सब्जी की खेती और बर्मी बेड बनाकर वो करीब 250 लोगों को रोजगार दे रही हैं। इससे आर्थिक सबलता भी आई है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि हमने सोचा भी नहीं था कि इस सुदूरवर्ती इलाके में इस तरह रोजगार के साधन दिखेंगे। इसके बाद उन्होंने ठाढ़ी गांव का भ्रमण किया और लोगों से मिलकर उनकी समस्या जानी।
इसके बाद वो गंडक बैराज के निरीक्षण के लिए निकल गए।
इस मौके पर आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय, डीआइजी जयंतकांत, डीडीसी अनिल कुमार, एडीएम राजीव कुमार सिंह, एडीएम अनिल कुमार राय, एसपी किरण कुमार गोरख जाधव, एसडीएम डॉ. अनुपमा सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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