गंडक नदी पर प्रस्तावित पुल के स्थान परिवर्तन की उठी मांग, केंद्रीय मंत्री को लिखा गया लेटर
बगहा और पिपरासी क्षेत्र की जनता ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर गंडक नदी पर प्रस्तावित पुल के निर्माण स्थल में बदलाव की मांग की है। वर्तमान शास्त्रीन ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।(जागरण)
संवाद सूत्र, बगहा। बगहा और पिपरासी क्षेत्र की जनता की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली को एक महत्वपूर्ण पत्र प्रेषित किया गया है। इस पत्र के माध्यम से गंडक नदी पर प्रस्तावित पुल के निर्माण स्थल में परिवर्तन की मांग की गई है।
वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार शास्त्रीनगर (एनएच-727) से बेलवनिया (एनएच-727) के बीच गंडक नदी पर सड़क पुल निर्माण की योजना है, लेकिन स्थानीय जनता का मानना है कि यह क्षेत्र गंडक बराज के कारण बेचिरागी (निर्जन) क्षेत्र है और यहां पुल निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण करना पड़ेगा, जिससे सरकार को भारी मुआवजा राशि चुकानी होगी।
साथ ही, बिहार राज्य की सीमा सेमरा लबेदाहा के निकट बासी नदी पर भी एक अतिरिक्त पुल का निर्माण करना अनिवार्य हो जाएगा, जिससे लागत और बढ़ेगी।
बेलवनिया एनएच-727 से जटहा बाजार के निकट बासी नदी पर पहले ही सड़क पुल का निर्माण हो चुका है। इसके साथ ही रिटायर्ड बांध सह पक्की सड़क बिहार के पिपरासी, मधुबनी, भितहा और ठकराहा प्रखंडों को जोड़ते हुए पिपरा घाट तक निर्मित है।
पनियहवा रेल सह सड़क पुल के उत्तर-दक्षिण भाग में पक्के गाइड बांध के निर्माण से गंडक नदी का प्रवाह वर्तमान में पुराने रेल पुल के मध्य से होकर बगहा नगर परिषद क्षेत्र के निकट बलुआ कठहवा की ओर लगभग एक किलोमीटर चौड़ाई में हो गया है।
पिपरासी प्रखंड मुख्यालय के निकट बांध सह सड़क के सी-पॉइंट पर वर्ष 1963 में गंडक नदी के दक्षिणी भाग में पिपरा घाट तक बांध का निर्माण किया गया था, जिसे बाद के वर्षों में नदी कटाव के कारण नुकसान पहुंचा।
वर्तमान में यह क्षेत्र दियारा के रूप में उपलब्ध है। ग्रामीणों का सुझाव है कि यदि सी-पॉइंट से ग्राम धनहा रतवल सड़क पुल तक पक्का गाइड बांध बना दिया जाए, तो पूर्व में विस्थापित हजारों लोग पुनः अपनी पैतृक भूमि पर बस सकेंगे और खेती कर आजीविका चला सकेंगे। इससे हजारों एकड़ सरकारी भूमि भी उपयोग में आ सकेगी।
प्रस्ताव का नजरी नक्शा भी संलग्न
यह पत्राचार सेवानिवृत्त बीएओ बिरझन प्रसाद गुप्त के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बगहा के डुमवलिया शास्त्रीनगर से जटहा बेलवनिया के बीच प्रस्तावित पुल को बगहा के अग्रवाल वाटिका से पिपरासी प्रखंड के ग्राम बलुआ कठहवा के मध्य बनाए जाने का आग्रह किया गया है।
बताया कि पत्र के साथ प्रस्ताव का नजरी नक्शा भी संलग्न किया गया है। बगहा नगर परिषद क्षेत्र के दक्षिण भाग में वर्ष 1904 में निर्मित रेल पुल की पूर्वी ओर पहले से पक्की गाइड बांध बनी हुई है, जिसके कारण अग्रवाल वाटिका से ग्राम रजवटिया तक अतिरिक्त गाइड बांध की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
यही कारण है कि इस स्थान को पुल निर्माण के लिए सबसे उपयुक्त बताया गया है।

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