काली धारियों से होगी बाघों की पहचान, चितवन निकुंज में पहले चरण की गणना पूरी
Tiger Identification Stripes: चितवन राष्ट्रीय निकुंज में 18 दिसंबर से शुरू हुई बाघ गणना का पहला चरण नवलपरासी जिले के वन क्षेत्रों में पूरा हो गया है। ...और पढ़ें

Wildlife Census Nepal: मार्च तक गणना संपन्न किए जाने का रखा गया है लक्ष्य। फाइल फोटो
संवाद सूत्र, वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण)। Chitwan Tiger Census: नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज में चल रही बाघ गणना के पहले चरण का कार्य सोमवार को पूरा कर लिया गया। इस चरण के तहत नवलपरासी जिले के त्रिवेणी और अमलतारी वन क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम सेक्टर के कसरा और बरांडा भार क्षेत्र में लगाए गए सभी स्वचालित कैमरों को निकाल लिया गया है।
बाघ गणना का यह अभियान 18 दिसंबर से शुरू हुआ था। चितवन राष्ट्रीय निकुंज के सूचना अधिकारी अविनाश थापा मगर ने बताया कि राष्ट्रीय निकुंज और वन्यजीव संरक्षण विभाग के समन्वय से यह गणना की जा रही है।
इसमें राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, जेडएसएल सहित अन्य संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है। पहले चरण में करीब 150 गणकों की टीम को लगाया गया था। इसके लिए नवलपरासी जिला समेत पश्चिम सेक्टर में कुल 286 ग्रिड बनाए गए थे।
प्रत्येक दो किलोमीटर पर एक ग्रिड तैयार कर वहां एक जोड़ी स्वचालित कैमरा स्थापित किया गया था। उन्होंने बताया कि पहले चरण के सभी कैमरों से प्राप्त डाटा का संकलन और विश्लेषण अब शुरू कर दिया गया है।
दूसरे चरण की बाघ गणना सौराहा, खगेंद्रमल्ल, सिमरा, सोमेश्वर, बगई, आबुआ और शिकारीवास क्षेत्रों में की जाएगी, जिसके लिए 336 ग्रिड तैयार किए गए हैं। मार्च तक पूरी गणना प्रक्रिया संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब तीन महीने तक चलने वाली इस बाघ गणना में स्वचालित कैमरों से ली गई तस्वीरों के आधार पर बाघों की पहचान की जाएगी। बाघ के शरीर पर मौजूद काली धारियों (पट्टियों) के विशिष्ट पैटर्न के जरिए उनकी पहचान की जाएगी।
इसके लिए सॉफ्टवेयर आधारित एससीसीआर (स्पेशियल कैप्चर–रिकैप्चर) विधि का उपयोग किया जाएगा। किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए विशेषज्ञों की टीम द्वारा डाटा का दोबारा परीक्षण भी किया जाएगा।
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बाघ गणना का अंतिम परिणाम 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर सार्वजनिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में हुई पिछली बाघ गणना में पूरे नेपाल में कुल 355 बाघ पाए गए थे। इनमें से चितवन राष्ट्रीय निकुंज में 128, बर्दिया में 25, बांके में 25, परसा में 41 और शुक्लफांटा राष्ट्रीय निकुंज में 36 बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई थी।

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