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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ramnagar Assembly Seat: इस बार आसान नहीं होगी भाजपा विधायक की राह, पार्टी के अंदर ही हैं चुनौतियां

Published: Sat, 06 Sep 2025 05:52 PM (IST)

बगहा पश्चिम चंपारण से खबर है कि रामनगर विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक भागीरथी देवी आगामी चुनाव में चुनौतियों का ...और पढ़ें

रामनगर विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक भागीरथी देवी
रामनगर विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक भागीरथी देवी

HighLights

  1. भागीरथी देवी को भाजपा में नाराजगी का सामना |
  2. जदयू की दावेदारी से बदले समीकरण |
  3. एनडीए वोटर की स्वीकृति चुनौती |

विनोद राव, बगहा। पश्चिम चंपारण में रामनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक व पद्मश्री से सम्मानित भागीरथी देवी के सामने इस बार कई चुनौतियां हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा भले ही उन्हें दोबारा टिकट दे दे, लेकिन राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि पार्टी के अंदर ही उनके प्रति नाराजगी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वास मत के दौरान भागीरथी देवी का देर से पहुंचना भाजपा नेताओं को अखरा था। दो दिन पहले से ही उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। इस दौरान उन्होंने न तो पार्टी नेतृत्व से बात की और न ही अपने स्टैंड को स्पष्ट किया।

स्थानीय पार्टी संगठन में भी नाराजगी देखी गई थी। रामनगर में उनका जनाधार जरूर है, लेकिन कार्यकर्ताओं का समर्थन न मिल पाने की स्थिति में उन्हें कड़ा मुकाबला झेलना पड़ सकता है।

हालांकि, भाजपा के जिलाध्यक्ष अंचित्य कुमार लल्ला का कहना है कि पार्टी जिसे टिकट देगी, कार्यकर्ता उनके साथ हैं। एनडीए का लक्ष्य सिर्फ प्रत्याशी की जीत है।

सीट शेयरिंग की बात करें तो रामनगर में जदयू की दावेदारी की चर्चा है। यदि यह सीट जदयू को मिलती है तो बड़ा सवाल यह है कि प्रत्याशी कौन होगा? हाल ही में कांग्रेस छोड़कर जदयू में शामिल हुए राजेश राम के नाम की चर्चा है।

पिछले चुनाव में ये भागीरथी देवी के खिलाफ मैदान में थे। हालांकि, वे जदयू में नए हैं, लेकिन कांग्रेस से एमएलसी रह चुके हैं तो राजनीतिक अनुभव है। वे पूर्व मंत्री पूर्णमासी राम के छोटे भाई हैं।

टिकट मिलने पर एनडीए के पारंपरिक वोटर उन्हें कितना स्वीकार करते हैं यह देखना होगा। वे टिकट के लिए वे पटना से दिल्ली तक जोर आजमाइश कर चुके हैं।

रामनगर विधानसभा सीट रामनगर और गौनाहा प्रखंड को मिलाकर बनी है। यह सीट वर्ष 2010 में आरक्षण कोटे में चली गई थी। उसके बाद से लगातार तीन बार महादलित समुदाय की भागीरथी देवी यहां से विधायक चुनी जा रही हैं। 2020 के चुनाव में भागीरथी देवी ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेश राम को 15,796 मतों से हराया था।

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