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    जीविका दीदियों के लिए खुला रोजगार का नया संसार, समूह स्तर से बनेगा बड़ा आर्थिक प्लेटफार्म

    By Shashi Mishra Edited By: Ajit kumar
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 12:51 PM (IST)

    Women Empowerment Bihar: बेतिया जिले में जीविका दीदियों के लिए नए साल में रोजगार के व्यापक अवसर खुल रहे हैं। 35 सीएलएफ का सहकारिता विभाग से निबंधन हुआ ...और पढ़ें

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    Jeevika Mission: 35 सीएलएफ का सहकारिता विभाग से हुआ निबंधन। सौ: इंटरनेट मीडिया

    जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। Jeevika Didi Employment: नए साल में जिले की जीविका दीदियों के लिए रोजगार और स्वावलंबन का एक नया संसार खुलने जा रहा है। समूह स्तर पर संगठित होकर अब वे बड़े प्लेटफार्म से जुड़ेंगी, जिससे उनकी आय और कार्यक्षेत्र दोनों का विस्तार होगा। 

    जिले के 35 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) का सहकारिता विभाग से निबंधन हो चुका है, जिससे जीविका दीदियों को बहुआयामी गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एक सीएलएफ से करीब 10 हजार तक जीविका दीदियां जुड़ सकती हैं। 

    सहकारिता विभाग से निबंधन के बाद अब ये समूह केवल स्वयं सहायता तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि कृषि, बैंकिंग, स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य जीविकोपार्जन गतिविधियों में भी भागीदारी निभाएंगे।

    जीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक आरके निखिल के अनुसार, निबंधन के बाद जीविका दीदियां सहकारिता विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यों को सीधे संचालित कर सकेंगी। इससे उनके लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के कई नए रास्ते खुलेंगे।

    Jeevika didi Bihar

    वर्तमान में मझौलिया प्रखंड के भितिहरवा समूह से जुड़ी जीविका दीदियां कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही हैं। इन्हें क्लस्टर हायरिंग मॉडल के तहत कृषि यंत्र बैंक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नए साल में आम किसानों को भाड़े पर कृषि यंत्र देने की योजना है, जिससे एक ओर किसानों को लाभ मिलेगा, वहीं जीविका दीदियों की आमदनी में भी वृद्धि होगी। 

    महिला रोजगार योजना से मिल रहा आर्थिक संबल

    जिले में महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 7.20 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा चुका है। प्रत्येक महिला को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। इस राशि से अधिकांश महिलाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू कर दिया है।

    योजना के तहत बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को आगे क्रमिक रूप से दो लाख रुपये तक की सहायता दिए जाने का प्रावधान है। बड़ी संख्या में जीविका दीदियां इस योजना से जुड़कर अगली किश्त के लिए पात्र बन रही हैं। इससे जिले में नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार हो रहा है। 

    नए साल में हर प्रखंड में खुलेगा निधि बैंक

    नए वर्ष में जिले के प्रत्येक प्रखंड में निधि बैंक की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए जीविका दीदियों को बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन्हीं के माध्यम से निधि बैंक संचालित किए जाएंगे।

    निधि बैंक से केवल जीविका दीदियां ही नहीं, बल्कि अन्य महिलाएं भी जुड़कर खाता संधारण और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी। इससे महिलाओं में बचत की आदत विकसित होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

    इसके अलावा नए साल में शहरी आजीविका मिशन के तहत भी कई योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद शहरी महिलाओं को रोजगार और आर्थिक सहायता मिलेगी।