Bihar Teacher: बेतिया में हेडमास्टर सहित 5 शिक्षक-शिक्षिकाओं पर एक्शन, रोका गया वेतन; 24 घंटे में जवाब देने का आदेश
बेतिया में शिक्षा विभाग ने कई शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की है। यहां तक कि वेतन पर रोक लगा दी गई है। एक्शन से विभाग में हड़कंप मच गया है। औचक जांच में पांच शिक्षक-शिक्षिकाएं अनुपस्थित पाए गए। डीपीओ अलका सहाय ने इसे धोखाधड़ी और कर्तव्यहीनता माना और वेतन भुगतान पर रोक लगा दी। उन्होंने विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी और 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा।

छात्रावासों की तस्वीर खींचकर विभाग को भेजेंगे शिक्षक
- इंजीनियरिंग और पालीटेक्निक कॉलेजों में अब रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए छात्रावासों के निरीक्षण में तेजी आएगी।
- छात्रावासों में दो-दो घंटे पर एंटी रैगिंग टीम के सदस्य निरीक्षण के लिए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रावासों की स्थिति की तस्वीर खींचकर इसे विभाग को भेजेंगे।
- निरीक्षण के इस कार्य में वार्डन से लेकर सभी शिक्षकों को लगाया जाएगा। कॉलेजों में पहले से गठित एंटी रैगिंग दल का विस्तार होगा।
- इसमें शिक्षकों की संख्या को बढ़ाकर उन्हें अलग- अलग समय में रोस्टर बनाकर छात्रावासों में निरीक्षण की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही इसकी रिपोर्ट विभाग को देनी होगी।
- किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- इसके लिए सूचना, प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की ऑनलाइन मीटिंग में यह निर्देश जारी किया गया है।
- बताया जा रहा है कि भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेजों में रैगिंग और उसके बाद मारपीट की घटना के बाद जमकर बवाल हुआ था। मामले में कॉलेज में कई छात्रों पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
- वहीं प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। जानकारी मिलने पर विभाग के स्तर से सभी तकनीकी संस्थानों को विशेष निर्देश जारी किया गया है। सभी कॉलेजों के प्राचार्यो को भी नियमित रूप से छात्रावासों का निरीक्षण करना है।
- एमआइटी के प्राचार्य डॉ. एमके झा ने बताया कि कालेज में पहले से ही एंटी रैगिंग टीम का गठन किया गया है। साथ ही टीम के कार्यों की मानीटरिंग के लिए भी एक समिति गठित है।
- कॉलेज में पिछले दिनों रैगिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रैगिंग को रोकने के लिए कालेज स्तर से कई कदम उठाए गए हैं।
यह भी पढ़ें-
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।