Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    पीएचसी में दवा की कमी, खोज में इधर-उधर भटकते मरीज; एक्स-रे-अल्ट्रासाउंड बाहर कराने को मजबूर

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:03 AM (IST)

    भैरोगंज के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं, कंबल, हीटर और एंबुलेंस जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। कड़ाके की ठंड में मरीजों को परेशा ...और पढ़ें

    Hero Image

    पश्चिमी चंपारण के पीएचसी में दवाओं की कमी। फोटो जागरण

    संवाद सूत्र, भैरोगंज। बगहा एक प्रखंड के अंतर्गत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैरोगंज में चल रहे कड़ाके की ठंड में मरीज के लिए ठंड से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि इस अस्पताल में छह बेड की व्यवस्था है। लेकिन यहां दवा, कंबल, हीटर की कमी है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दवा की कमी के कारण मरीज दवा बाहर से लाने में मजबूर है। संसाधन की कमी के कारण मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। जिससे झोलाछाप एवं निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र का काम बेहतर है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा हो लेकिन धरातल पर कुछ और है। विभागीय दावों और जमीनी हकीकत का खुद ही अंदाजा हो जाएगा।

    इस अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में लगभग सात पंचायत की करीब 50 हजार आबादी इलाज के लिए इस अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भैरोगंज पर निर्भर है। लेकिन इतनी बड़ी आबादी के लिए एंबुलेंस के साथ-साथ महिलाओं के प्रसव के लिए कोई सुविधा नहीं है। जिसके कारण मरीजों को मोटी रकम खर्च कर निजी अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ता है।

    नहीं तो 30 किलोमीटर दूर बगहा रामनगर इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। प्रसव के समय एंबुलेंस नहीं होने के कारण मरीज को भाड़े की वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जबकि यहां पर आठ बजे से लेकर दो बजे तक ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज इलाज के लिए आते हैं। जिसमें ज्यादातर मरीजों को प्राइवेट एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड पर जाना पड़ता है।


    नाम का है सरकारी अस्पताल। यहां पर मरीज को सुविधा नहीं मिलती है जिसके कारण इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। -मंजू देवी, मरीज


    अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में सभी दवा नहीं मिल पाती है। हमेशा दवाओं की कमी व्याप्त रहती है। कुछ दवा बाजार से खरीदना पड़ता है। -संगीता देवी


    यहां से 15 किलोमीटर दूर भुलाहवा से हम आए हैं। लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण बाजार में स्थित भारतीय अल्ट्रासाउंड में पांच सौ रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराए हैं। अगर यहां सुविधा रहती तो हमको पैसा नहीं देना पड़ता। -एशा खातून


    महीने में 15 से 20 महिलाओं का प्रसव कराया जाता है। लेकिन ब्लड जांच, अल्ट्रासाउंड, एंबुलेंस नहीं होने के कारण मरीजों को मोटी रकम खर्च करना पड़ता है। संसाधन की कमी के कारण क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों की मनमानी चल रही है। -मंकेश्वर


    अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण एंबुलेंस की कोई आवश्यकता नहीं है लेकिन प्रसव कराया जा रहा है तो एंबुलेंस के लिए संबंधित विभाग से बात किया जाएगा। ठंड में कंबल, हीटर, वाटर हीटर एवं ठंड से बचने के लिए अगर व्यवस्था नहीं की गई है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। -विजय कुमार, सीएस बेतिया।