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    झूला पुल से वाल्मीकि आश्रम तक बनेगी एक्सेस रोड, स्वामी पीठाधीश्वर ने नेपाल सरकार से की बात

    Updated: Tue, 09 Dec 2025 03:10 PM (IST)

    पश्चिम चंपारण में झूला पुल से वाल्मीकि आश्रम तक एक्सेस रोड का निर्माण होगा। स्वामी पीठाधीश्वर ने इस संबंध में नेपाल सरकार से बात की है। इस सड़क के बनन ...और पढ़ें

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    नेपाल का झूला पुल। फाइल फोटो

    सुनील कुमार गुप्ता, वाल्मीकिनगर। छह करोड़, 74 लाख नेपाली रुपये से गंडक नदी पर बना 479 मीटर लंबा झूला पुल केवल सेल्फी के लिए नहीं है। पर्यटकों की जिस सुविधा के लिए यह बना है, उसका लाभ मिलना चाहिए। कुछ दूर संपर्क पथ नहीं होने से इतनी बड़ी राशि से बने पुल को बेकार नहीं किया जा सकता। जब यह बात समझ आई तो कुछ पहल होती दिख रही।

    श्रद्धालुओं की समस्याओं को देखते हुए मुक्तिनाथ तथा गजेंद्र मोक्ष दिव्य धाम के पीठाधीश्वर स्वामी कमलनयनाचार्य स्वामी जी महाराज ने पहुंच पथ के निर्माण के लिए स्वयं पहल की है। नेपाल सरकार के संबंधित मंत्रालय तथा वन विभाग से वार्ता की।

    श्रद्धालुओं की समस्याओं से अवगत कराया और चार मीटर चौड़ी कच्ची सड़क के निर्माण के लिए पहल की। इससे झूला पुल से वाल्मीकि आश्रम तक पहुंच पथ बनाने का मार्ग खुलता दिखने लगा है।

    भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकि आश्रम तक पहुंचने के लिए नेपाल सरकार द्वारा त्रिवेणी में 2023 में झूला पुल बनवाया गया था, लेकिन वन विभाग के अड़ंगे के कारण पुल से वाल्मीकि आश्रम तक जाने के लिए पहुंच पथ का निर्माण नहीं हो सका। इस कारण पुल पर्यटकों के लिए सेल्फी प्वाइंट बन कर रह गया।

    त्रिवेणी स्थित गजेंद्र मोक्ष दिव्य धाम के कार्यकारी निदेशक झपिंदेश्वर भुसाल ने बताया कि वाल्मीकि आश्रम, चितवन जिले की माड़ी नगरपालिका के वार्ड एक का हिस्सा है। नेपाल के भू-भाग से होकर वाल्मीकि आश्रम तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं है।

    आश्रम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को वाल्मीकिनगर के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल के रास्ते से होकर जाना पड़ता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को एसएसबी के चेकपोस्ट तथा जंगली रास्तों से गुजरना पड़ता है।

    दोनों के बीच में नदी का भी प्रवाह है, इन सबको देखते हुए नेपाल सरकार ने 2023 में त्रिवेणी में गंडक नदी पर झूला पुल का निर्माण कराया। झूला पुल से वाल्मीकि आश्रम तक पहुंचने के लिए पहुंच पथ के निर्माण होने वाले रास्तों में लगभग 1600 मीटर का रास्ता नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज के वन क्षेत्र में पड़ता है।

    आदेश मिलने पर जारी किया जाएगा NOC

    विनयी त्रिवेणी गांवपालिका के अध्यक्ष घनश्याम गिरि बताते हैं कि झूला पुल से वाल्मीकि आश्रम तक पहुंचने के लिए कच्ची सड़क के निर्माण के लिए शहरी विकास मंत्रालय द्वारा 2023 में ही 20 लाख रुपये का आवंटन किया गया था, लेकिन वन विभाग के अड़ंगे के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो सका।

    चितवन राष्ट्रीय निकुंज के सूचना अधिकारी अविनाश थापा ने बताया कि झूला पुल से वाल्मीकि आश्रम तक के पहुंच पथ के निर्माण के लिए स्थानीय निवासी, राजनीतिक दल के प्रतिनिधि आदि द्वारा पत्राचार किया जाता रहा है। विभागीय आदेश मिलने पर निकुंज द्वारा पहुंच पथ के निर्माण के लिए एनओसी जारी कर दिया जाएगा।