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    गोरौल प्रखंड की कई पंचायतों में फैला वाया नदी का पानी

    By JagranEdited By:
    Updated: Tue, 25 Aug 2020 07:13 PM (IST)

    गोरौल। गोरौल प्रखंड की कई पंचायतों में वाया नदी का पानी आ जाने से लोगों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में धान सहित अन्य फसलें लंबे ...और पढ़ें

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    गोरौल प्रखंड की कई पंचायतों में फैला वाया नदी का पानी

    गोरौल। गोरौल प्रखंड की कई पंचायतों में वाया नदी का पानी आ जाने से लोगों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में धान सहित अन्य फसलें लंबे समय से पानी में डूबी रहने के कारण लगभग बर्बाद हो गयी हैं। कई जगहों पर वाया नदी का पानी सड़क पार कर यातायात को भी बाधित कर रखा है। कटरमाला, पीरापुर मथुरा, पिरोई सहित कर पंचायतों में पानी फैलते जा रहा है। ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भी कई जगहों पर हो रहे बहाव को रोकने के लिये मिट्टी भी रखी, लेकिन इसके बाद भी पानी का बहाव जारी है।

    मालूम हो कि बीते कई दिनों से कई जगहों पर वाया नदी से लगातार पानी का रिसाव हो रहा था जिससे सैकड़ों धान की फसल डूबकर बर्बाद हो रही है । वाया नदी में अत्यधिक पानी आ जाने के कारण बेलवर, छितरौली, कटरमाला, वंशीपुर सहित कई जगहों पर रिसाव हो रहा है। लगातार हो रहे रिसाव के कारण सैकड़ों एकड़ जमीन में पानी फैल गया है। इस पानी से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। अभी भी नदी में पानी का बहाव काफी तेज गति से हो रहा है जिससे पानी काफी फैलते जा रहा है। जब किसानों ने अधिकारियों के यहां गुहार लगाई जब उनकी गुहार पर कोई संज्ञान नहीं लिया और कहा गया कि जब सरकार की तरफ से कोई आदेश आयेगा तभी हमलोग कुछ कर पायेंगे। किसानों अपने फसलों को बचाने के लिये बेचैन दिख रहे हैं। कुदाल लेकर रिसाव को बंद करने के लिये स्वयं जुट गये, लेकिन रिसाव रोकने की दिशा में उन्हें खास सफलता नहीं मिल रही है।

    मिट्टी भराई कर रहे किसानों ने बताया कि वाया नदी के पानी के लगातार रिसाव से धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गयी है। सब्जियों की फसल गल गयी है। हालांकि अभी तक इस पानी से किसी भी तरह की जान माल की क्षति नही हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले इस नदी में कई जगहों पर स्लइस गेट लगे थे। जब जरूरत पड़ती थी तो किसान उसका गेट खोलकर सिचाई कर लेते थे और उसे पुन: बंद कर देते थे लेकिन अब लगभग जगहों पर स्लुइस गेट नहीं हैं। जिस कारण पानी का रिसाव हो रहा है। दूसरा कारण नदी में अत्यधिक पानी आना भी है।

    पंचायत के मुखिया प्रमोद कुमार सिंह एवं जानकी देवी ने बताया कि इस रिसाव की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को कई बार दी गयी लेकिन अधिकारियों के द्वारा कोई संज्ञान नही लिया गया तो कई जगहों पर ग्रामीणों ने अपने फसलों को बचाने के लिये खुद मिट्टी भराई के कार्य में लग गये हैं।