चोरी का सोना-नकदी छुपाने का मामला: लालगंज थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के निर्देश, डीआईजी ने मौके पर की जांच
वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव में चोरी के सोना-चांदी और नकदी छिपाने के गंभीर आरोपों पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीआईजी तिरहुत ...और पढ़ें

लालगंज थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के निर्देश
जागरण संवाददाता, हाजीपुर(वैशाली)। लालगंज थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव में चोरी के सोना-चांदी के आभूषण और लाखों रुपये नकद छुपाने के गंभीर आरोपों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच के लिए सोमवार को डीआईजी तिरहुत चंदन कुमार कुशवाहा और एसपी सीआईडी कुमोद कुमार यादव स्वयं बिलनपुर गांव पहुंचे और मौके पर गहन जांच-पड़ताल की। जांच के बाद डीआईजी ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं और इस मामले में संबंधित थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
डीआईजी और एसपी सीआईडी ने बिलनपुर गांव निवासी रामप्रीत सहनी के घर का निरीक्षण किया, जहां पूर्व में पुलिस द्वारा छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद किए जाने का दावा किया गया था।
जांच के दौरान घर में चौकी के नीचे खुदी हुई मिट्टी मिली, जिससे संदेह और गहरा गया। आसपास के लोगों से भी अधिकारियों ने पूछताछ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जो साक्ष्य संकलन में जुटी रही।
डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जांच में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी विधि विरुद्ध कार्य में संलिप्त पाए गए हैं, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। आगे भी मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि बीते 30 दिसंबर को लालगंज थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव में पुलिस ने चोरी के सामान की बरामदगी का दावा किया था, जिसकी जानकारी तत्कालीन एसडीपीओ गोपाल मंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी थी।
हालांकि, इस दौरान बरामद सोना-चांदी के जेवर और नकदी को सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया गया, जिससे ग्रामीणों और रामप्रीत सहनी के परिजनों को शक हुआ कि पुलिस ने भारी मात्रा में नकद और आभूषण छुपा लिए हैं।
आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक वैशाली ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी एएसपी यातायात प्रेम सागर को सौंपी गई।
जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद डीआईजी के निर्देश पर रविवार को लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एएसआई सुमनजी झा को निलंबित कर दिया गया।
थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए लाइन हाजिर किया गया, जबकि एएसआई को पुलिस केंद्र हाजिर किया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान रामप्रीत सहनी के घर से 15 से 20 लाख रुपये नकद और करीब 7 किलो सोना-चांदी के जेवर बरामद होने की बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वास्तव में कितनी नकदी और कितने आभूषण बरामद हुए और कितने छुपाए गए।
डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण को पुलिस महकमे की साख से जुड़ा बताते हुए उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।