सुपौल में बनेंगे दो नए रेलवे जंक्शन, कनेक्टिविटी और विकास की बढ़ेगी रफ्तार
सुपौल जिले को 2026 तक बैजनाथपुर अन्दौली और न्यू झाझा के रूप में दो नए रेलवे जंक्शन मिलने की संभावना है। इन जंक्शनों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। ...और पढ़ें
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निर्माणाधान बैजनाथपुर अन्दौली जंक्शन। (जागरण)
विमल भारती, सरायगढ़ (सुपौल)। नव वर्ष 2026 सुपौल जिले के लिए बड़ी रेल सौगात लेकर आ सकता है। जिले को बैजनाथपुर अन्दौली और न्यू झाझा के रूप में दो-दो नये रेलवे जंक्शन मिलने की संभावना है।
दोनों ही स्थानों पर जंक्शन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे अब अंतिम चरण में बताया जा रहा है। रेल बाईपास के पूर्ण हो जाने के बाद सहरसा से दरभंगा के रास्ते लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन का मार्ग भी प्रशस्त हो जाएगा, जिससे कोसी-सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
जानकारी अनुसार नयी रेल लाइन पर पहले मालगाड़ियों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इसके सफल संचालन के बाद लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों को चलाने की योजना है।
इससे न केवल यात्री सुविधा बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और उद्योग को भी गति मिलेगी। मंगलवार को न्यू झाझा जंक्शन पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लेटफार्म निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही रेल पटरी बिछाने का काम भी तेज गति से जारी है।
अधिकारियों का अनुमान है कि जनवरी माह में न्यू झाझा से बैजनाथपुर अन्दौली तक रेल पटरी बिछाने का कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) का निरीक्षण कराया जाएगा। सीआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद ट्रेन परिचालन की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
रेल बाईपास के बन जाने से सहरसा-दरभंगा मार्ग पर ट्रेनों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे समय की बचत होगी और रेल परिचालन अधिक सुचारु हो सकेगा।
खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में यह बाईपास महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि बैजनाथपुर अन्दौली और न्यू झाझा को जंक्शन का दर्जा मिल जाता है, तो सुपौल जिला रेल मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थिति में आ जाएगा।
इससे न सिर्फ जिले की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि विकास की रफ्तार भी तेज होने की उम्मीद है।

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