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    अब नवजातों की होगी बेहतर देखभाल, मां को दी जाएगी ट्रेनिंग; इस जिले में खुलेगा फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर

    Updated: Mon, 03 Feb 2025 07:00 PM (IST)

    नवजात की देखभाल करना मां के लिए सबसे बड़ी चुनौती होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब सदर अस्पताल में फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर खोला जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा माताओं को बच्चों की केयर करने को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण लेने वाली माताएं अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाने के बाद भी अपने नवजात की उचित देखभाल कर सकेंगी।

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    मां को दी जाएगी नवजातों के देखभाल की ट्रेनिंग। (सांकेतिक फोटो)

    जागरण संवाददाता, सिवान। शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए घर पर नवजात की देखरेख कैसे करनी है, इसका गुर माताओं को सिखाया जाएगा। माताओं को देखभाल और कंगारू केयर की जानकारी के लिए सदर अस्पताल में फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर खोला जाएगा।

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    कमजोर और बीमार नवजातों को संक्रमण होने या अन्य किसी प्रकार की प्रतिकूल गतिविधि होने पर कैसे ख्याल रखा जाए, इसका प्रशिक्षण सदर अस्पताल में विशेषज्ञों द्वारा माताओं को दिया जाएगा।

    इसको लेकर शिशु स्वास्थ्य के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिया है। प्रशिक्षण लेने वाली माताएं अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाने के बाद भी अपने नवजात की उचित देखभाल कर सकेंगी।

    नवजात का शीघ्र स्तनपान शुरू करने से संक्रमण दर में आती है कमी

    सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि जन्म के बाद नवजात के शीघ्र स्तनपान शुरू करने से संक्रमण दर में कमी आती है। जन्म के बाद नवजात को कंगारू केयर करना अनिवार्य है।

    सदर अस्पताल में खोला जायेगा फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर।

    सिविल सर्जन ने बताया कि कंगारू केयर के कई फायदें हैं। इसमें हाइपरमिया से बचाव, शिशु के वजन में वृद्धि, माता के दूध की मात्रा में वृद्धि, संक्रमण नहीं के बराबर, नवजात का विकास, अस्पताल में भर्ती के समय में कमी व शीघ्र डिस्चार्ज, माता और शिशु में भावनात्मक लगाव, स्तन कैंसर से बचाव आदि शामिल हैं।

    खतरों के लक्षण दिखने पर चिकित्सक से कराएं इलाज

    सीएस ने बताया कि मां का दूध न पीना, ज्यादा ठंडा या गर्म होना, सुस्त होना, झटके आना, सांस तेज चलना, पसलियों में गड्ढे पड़ना, अत्यधिक रोना, दस्त होना आदि लक्षण नवजातों में दिखने पर तुरंत चिकित्सक के पास ले जाकर इलाज कराना चाहिए।

    जांच शिविर में 250 मरीजों का हुआ इलाज, दवा और चश्मा का हुआ वितरण

    हसनपुरा प्रखंड के रफीपुर गांव में स्वास्थ्य शिविर सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यजीत सिन्हा द्वारा सैकड़ों रोगियों की नेत्र जांच की गई।

    जांच के बाद 75 लोगों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयन किया गया तथा 250 लोगों के बीच मुफ्त चश्मा एवं दवा वितरण किया गया एवं आयुष्मान कार्ड बनाए गए।

    इस हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार द्वारा हृदय की जांच ईसीजी, कई प्रकार खून की जांच की गई। इस मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत लोक गायक आर्यन बाबू, वीर रस कवि कुंदन सिंह क्रांति एवं गायक देवराज मुन्ना ने अपनी प्रस्तुति पेश कर दर्शकों को मन मोह लिया।

    इस अवसर पर मनोजेश्वर सिन्हा, अवनीश सिन्हा, रजनीश सिन्हा, हरिशंकर प्रसाद एवं बीबी वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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