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    नव वर्ष 2026 में आत्मनिर्भर बनेगा सीतामढ़ी, खुलेंगी दो तेल प्रसंस्करण यूनिट

    By Deepak Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 01:45 PM (IST)

    सीतामढ़ी में 2026 तक दो तेल प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होंगी, जिससे किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत 33% अनुदा ...और पढ़ें

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    Agriculture Development Sitamarhi: अब तक 39 किसानों ने किया है आनलाइन आवेदन। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। Bihar Oilseed Mission: नव वर्ष 2026 सीतामढ़ी जिले के किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आने वाला है। राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में दो तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित की जाएंगी। 

    इससे न केवल तिलहनी फसलों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य भी मिल सकेगा। तेल प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना को लेकर जिला कृषि विभाग ने राज्य मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया है। 

    योजना की सफलता को देखते हुए किसानों से आनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। जिला कृषि पदाधिकारी शांतनु कुमार ने बताया कि अब तक 39 किसानों ने आवेदन किया है। 

    किसान समूहों को प्राथमिकता 

    योजना के तहत चयनित किसानों को प्रोजेक्ट लागत पर 33 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। तिलहन फसल उत्पादन से जुड़े कृषक उत्पादक समूह (FPO), सहकारी समितियों और निजी उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। 

    तेल निष्कर्षण इकाई के माध्यम से सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी सहित अन्य तिलहनी फसलों से तेल निकालने और उसकी सफाई का कार्य किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर ही प्रसंस्करण संभव होगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। 

    10 मीट्रिक टन क्षमता की होगी यूनिट 

    प्रत्येक तेल प्रसंस्करण यूनिट की क्षमता 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी। एक यूनिट की अनुमानित लागत 27 से 30 लाख रुपये तय की गई है। चयनित किसानों को अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। 

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    हालांकि, यह अनुदान केवल मशीनरी और यूनिट स्थापना पर मिलेगा। जमीन खरीद, भवन या शेड निर्माण पर किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जाएगी। 

    स्क्रूटनी के बाद होगा स्थल निरीक्षण 

    जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद योग्य आवेदकों के स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। सभी मापदंडों पर खरे उतरने वाले दो किसानों का चयन कर यूनिट स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। 

    तिलहन खेती का बढ़ेगा दायरा 

    फिलहाल जिले में चार हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में तिलहनी फसलों की खेती की जा रही है। तेल प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना से तिलहन फसलों का आच्छादन क्षेत्र और बढ़ेगा। 

    इसके साथ ही किसानों को नि:शुल्क प्रशिक्षण और सरकार की ओर से अनुदानित बीज भी उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस यूनिट को आसानी से स्थापित किया जा सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    जिले में तिलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से दो तेल प्रसंस्करण यूनिट स्थापित की जाएंगी। आवेदन की स्क्रूटनी और स्थल निरीक्षण के बाद चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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    शांतनु कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, सीतामढ़ी