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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीतामढ़ी-मोतिहारी नई रेल लाइन को लेकर बड़ा अपडेट, शुरू हुआ जमीन सर्वे; 50 करोड़ रुपये...

Published: Mon, 20 Jan 2025 01:00 PM (GMT+05:30)

सीतामढ़ी-मोतिहारी नई रेल लाइन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। तेजी से भूमि अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा ...और पढ़ें

जल्द पूरा होगा सीतामढ़ी-मोतिहारी नई रेल लाइन का काम
जल्द पूरा होगा सीतामढ़ी-मोतिहारी नई रेल लाइन का काम

HighLights

  1. सीतामढ़ी-मोतिहारी नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य में तेजी
  2. सीतामढ़ी जिले में 17.5 किलोमीटर क्षेत्र में होना है रेल लाइन का निर्माण

संवाद सूत्र, सीतामढ़ी। सीतामढ़ी-मोतिहारी वाया शिवहर नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की दिशा में कार्य शुरू हो चुका है। सीतामढ़ी-मोतिहारी वाया शिवहर न्यू रेलखंड को रेलवे द्वारा 69.9 किलो मीटर में बनाकर तैयार करना है।

भूमि अधिग्रहण का काम शुरू

सीतामढ़ी से शिवहर के बीच कुल 28 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के भूमि सर्वे व अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है। इस 28 किलोमीटर में सीतामढ़ी जिला के कुल 17.5 किलोमीटर क्षेत्र है।

बाकी बचे 10.5 किलोमीटर का दायरा क्षेत्र शिवहर जिला अंतर्गत है। इस रेलखंड में 13 पुल तो 62 पुलिया तैयार होंगे। वही, 30 रेलवे समपार फाटक भी तैयार किए जाएंगे। सीतामढ़ी के बाद रेवासी, धनकौल व शिवहर में रेलवे स्टेशन होगा।

बांटा गया 50 करोड़ रुपये का मुआवजा

बतातें चले कि जिला पदाधिकारी रिची पांडेय द्वारा बीते 9 जनवरी को रीगा प्रखंड के रेवासी में सीतामढ़ी शिवहर नई रेल लाइन के पथ रेखांकन का निरीक्षण किया गया था।

निरीक्षण के दौरान जिला भू अर्जन पदाधिकारी विकास कुमार द्वारा बताया गया कि सीतामढ़ी शिवहर नई रेल लाइन कुल 13 ग्रामों में 209 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है। इसके लिए लगभग 50 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरण कर दिया गया है।

जिला भुअर्जन कार्यालय से किसानों को नोटिस भेजने का कार्य शुरू है। इसको लेकर जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया है कि रेलवे लाइन के मुआवजा वितरण में तेजी लाएं। साथ ही अंचल अधिकारी रीगा एवं परसौनी को भू स्वामित्व प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया है।

क्या कहते हैं अधिकारी

सीतामढ़ी से मोतिहारी रेल खंड निर्माण का कार्य को लेकर किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। जैसे ही संबंधित जिला प्रशासन अधिग्रहण कर रेलवे को अधिग्रहित भूमि सौंपेगी उसके बाद ट्रैक के साथ अन्य सभी निर्माण को युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।

एन कुमार, डिप्टी चीफ इंजीनियर

2006-2007 में मिली मंजूरी

सीतामढ़ी-शिवहर-मोतिहारी रेल लाइन को साल 2006-07 में मंजूरी मिली थी। इस परियोजना में सीतामढ़ी से रेवासी में क्रॉसिंग, धनकौल में हाल्ट, शिवहर में क्रॉसिंग, सुगिया कटसरी में हाल्ट, पताही में क्रॉसिंग, ढ़ाका में क्रॉसिंग, चिरैया में हाल्ट, गजपुर में क्रॉसिंग बनाया जाना था।

इस योजना में साल 2007-2008 में 221 करोड़ की अनुमानित राशि खर्च का अनुमान था, जो समय के साथ बढ़कर 926.09 करोड़ हो गया।

इस योजना की शुरुआत में सर्वे का काम तो पूरा हो गया, लेकिन भूमि अधिग्रहण नहीं हो पाया, जिसकी वजह से योजना पूरी नहीं हो पाई। अब एक बार फिर भूमि अधिग्रहण की दिशा में काम शुरू हो गया है।

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