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    नए साल में बाजार में उपलब्ध होगा सीतामढ़ी का मखाना, खुलेगी मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट

    By Anil Tiwari Edited By: Ajit kumar
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 04:32 PM (IST)

    सीतामढ़ी में कृषि क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। नए साल में सीतामढ़ी का मखाना बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए 50 हेक्टेयर में पायलट प्रोजेक् ...और पढ़ें

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    जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। फाइल फोटो

    दीपक कुमार, सीतामढ़ी। कृषि के क्षेत्र में सीतामढ़ी जिला लगातार नई पहचान बना रहा है। नए साल 2026 में जिले में उत्पादित मखाना पहली बार बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए जिले में मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी।

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    जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 50 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती शुरू की गई है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है और बीज उपलब्ध कराए गए हैं। मखाना के पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में स्थानीय स्तर पर मखाना का उत्पादन संभव हो सकेगा।

    इधर, मोटे अनाज यानी मिलेट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए जिले में प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की पहल शुरू कर दी गई है। जिला कृषि पदाधिकारी ने इस संबंध में राज्य मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही किसानों और इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन लेकर यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    कृषि विभाग के अनुसार बथनाहा क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती पहले से हो रही है, जिसकी मांग देश ही नहीं विदेशों तक है। जिले की जलवायु मखाना और मिलेट्स उत्पादन के लिए अनुकूल है। इसी को ध्यान में रखते हुए जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    50 हेक्टेयर में मखाना की खेती

    पायलट प्रोजेक्ट के तहत मखाना की खेती की शुरुआत की गई है। किसानों के अनुसार अब तालाब के साथ-साथ खेतों में भी मखाना उगाने का प्रयास किया जा रहा है। आत्मा के सहयोग से बीज गिराकर बिचड़ा तैयार किया गया है, जिसकी रोपाई 55 से 60 दिनों में की जाएगी। इस बार स्वर्ण वैदेही किस्म के मखाना बीज का उपयोग किया गया है।

    मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट से मिलेगा लाभ

    मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने से बाजरा, रागी, कोदो, चीना जैसे मोटे अनाज की सफाई, ग्रेडिंग और प्रोसेसिंग की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलेगी। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।

    जलवायु के अनुरूप खेती को बढ़ावा देने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत मखाना की खेती शुरू की गई है। वहीं मिलेट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए जिले में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।

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    शांतनु कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, सीतामढ़ी