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    बिहार में जदयू को झटका, पूर्व विधायक गुड्डी चौधरी बीजेपी में शामिल

    By Jagran NewsEdited By: Dharmendra Kumar Singh
    Updated: Tue, 11 Oct 2022 12:32 PM (IST)

    Bihar politics भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता सम्राट चौधरी समेत की मौजूदगी मे ...और पढ़ें

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    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल समेत कई नेताओं की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की। फोटो-जागरण

    सीतामढ़ी, जागरण संवाददाता। सीतामढ़ी जिले के सबसे बड़े विधान सभा क्षेत्र रुन्नीसैदपुर से जदयू की विधायक रह चुकीं गुड्डी चौधरी ने अब भाजपा का दामन थाम लिया है और इस तरह उन्होंने पार्टी से अपने साथ हुए विश्वासघात का बदला लिया है। गुड्डी चौधरी व उनके समाजसेवी पति राजेश कुमार चौधरी की राजनैतिक कद को देखते हुए भाजपा ने अपनी पार्टी में शामिल कराकर जदयू को जोर का झटका दिया है।

    भाजपा की सदस्यता ग्रहण की

    गुड्डी चौधरी चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। सोमवार को उन्होंने राजधानी पटना में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर गुड्डी चौधरी के पति राजेश चौधरी ने भी भाजपा की सदस्यता ली। गुड्डी चौधरी और उनके के भाजपा में शामिल होने से मौजूदा जदयू विधायक पंकज कुमार मिश्रा के लिए एक तरह से चुनौती खड़ी हो गई है। इस बात पर जदयू के वरिष्ठ नेता व अधिवक्ता विमल शुक्ला ने उनकाे दल बदलू करार देते हुए कहा कि अगली बार वह कांग्रेस में नजर आएंगी।

    विधानसभा का टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से दे दिया था इस्तीफा 

    गुड्डी चौधरी का कहना है कि उन्होंने अपने साथ हुए विश्वासघात के लिए पार्टी के साथ-साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सबक दिया है। सितंबर 2015 में गुड्डी चौधरी ने विधानसभा का टिकट नहीं मिलने से पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद 2020 का विधानसभा चुनाव उन्होंने चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोजपा से चुनाव लड़ा, हालांकि वह इस चुनाव में जदयू के प्रत्याशी पंकज कुमार मिश्रा से हार गईं। जदयू से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने और उनके पति दोनों ने ही नामांकन पत्र दाखिल किया था।

    गुड्डी चौधरी से लोजपा के टिकट पर पर्चा भरीं तो उनके पति राजेश चौधरी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे। वर्ष 2015 में महागठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे के तहत राजद के खाते में यह सीट चली गई जिससे उनको वंचित होना पड़ा। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को भेजे गए अपने इस्तीफे में गुड्डी चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार को विश्वासघाती करार दिया था। गुड्डी के इस्तीफे के बाद न केवल रून्नीसैदपुर विधानसभा क्षेत्र, बल्कि पूरे बिहार की राजनीति गरमा गई। गुड्डी ने कहा था कि यह पहला मौका नहीं है जब उनके साथ विश्वासघात हुआ। इसके पहले विधान परिषद चुनाव में उनके पति राजेश चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया था। बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर जिलाध्यक्ष द्वारा इसका एलान भी किया गया था। बावजूद साजिश के तहत उनको टिकट से वंचित कर दिया गया।