सारण में 10वीं तक की कक्षाओं पर लगा प्रतिबंध; शीतलहर को देखते हुए DM ने दिया आदेश
सारण में शीतलहर और गिरते तापमान के कारण जिला दंडाधिकारी ने 8 जनवरी 2026 तक 10वीं कक्षा तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों ...और पढ़ें

सारण में ठंड के चलते स्कूल बंद।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण जिले में लगातार जारी शीतलहर और गिरते तापमान को देखते हुए जिला दंडाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है।
इसके तहत जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 10वीं तक की पठन-पाठन गतिविधियों पर दिनांक 08 जनवरी 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी संबंधित विभागों एवं विद्यालय प्रबंधन को दिए गए हैं।वहीं, कक्षा 10वीं से ऊपर की कक्षाएं निर्धारित समयावधि में संचालित होंगी।
आदेश के अनुसार उच्च कक्षाओं का संचालन पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 4:30 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान भी विद्यालयों को ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त सावधानी बरतें। मौसम की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय लिया जा सकता है।
बता दें कि जिले में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के चलते लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए घरों से निकलना मुश्किल हो गया।
घने कोहरे और शीतलहर के प्रकोप के कारण सुबह से ही बाजारों की सड़क सुनसान पड़ गया है। लोगों की आवाजाही में भारी कमी देखी जा रही है।
कोहरे के प्रकोप से गाड़ियों की लाइट जलाकर धीमी गति से चल रहा है। लगातार बढ़ रही ठंड और कोहरे को देखते हुए चिकित्सकों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
डॉ. सीताराम पाण्डेय का कहना है कि बुजुर्गो और युवाओं को विशेष सावधानी बरतते हुए गर्म कपड़े पहनने और गर्म पेय पदार्थ का सेवन करना चाहिए ताकि ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके।

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