यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Weather Update: सारण में रातभर हुई मूसलाधार ने मचाई तबाही, सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र आज बंद
छपरा सारण में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रात भर हुई बारिश से शहर और ग्रामीण इलाके जलमग्न ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, छपरा। सारण जिले में शुक्रवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। रात 11:30 बजे से प्रारंभ हुई बारिश आठ घंटे से अधिक समय तक लगातार जारी रही, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
हर सड़क, गली और मोहल्ला पानी में डूबा हुआ नजर आ रहा है। लोग घरों के भीतर भी पानी घुसने से परेशान हैं। झमाझम बारिश से बिजली की स्थिति भी काफी दयनीय हो गई है। रात के 2:00 बजे से शहर की बिजली भी गुल है।
तेज हवाओं और बादलों की गर्जना के साथ हुई इस बारिश ने लोगों में भय और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बिजली की कड़क और आसमान को चीरती गर्जना ने लोगों की नींद हराम कर दी।
कई लोगों का कहना है कि उन्होंने पिछले 30-40 सालों में इस तरह की बारिश नहीं देखी। देर रात से लेकर सुबह तक बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा था।
सड़कें तालाब में बदलीं, आवागमन ठप
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक की सभी सड़कें बारिश के पानी से लबालब भर गई हैं। कई जगह तो हालात ऐसे हैं कि सड़कों पर नाव चलने जैसी स्थिति बन गई है।
मुख्य बाजार, आवासीय इलाकों और गांव की गलियों में जगह-जगह पानी जमा हो गया है। इससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोग मजबूरी में घुटनों तक पानी से होकर गुजरने को विवश हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति बेहद गंभीर है।
खेत-खलिहान से लेकर पक्की और कच्ची सड़कों तक हर जगह पानी फैल गया है। निचले इलाकों के घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोग सामान सुरक्षित करने और अपने बच्चों को संभालने में जुटे हैं। कई परिवार तो घर छोड़कर रिश्तेदारों और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं।
आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल बंद
सारण जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जलजमाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिला दंडाधिकारी सह जिलाधिकारी अमन समीर ने शनिवार को जिले के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। भारी बारिश और सड़कों पर जलजमाव के कारण बच्चों का विद्यालय आना-जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए पठन-पाठन कार्य एक दिन के लिए पूरी तरह स्थगित रहेगा।
प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पूरी तरह सुरक्षित रहें। जलमग्न इलाकों से गुजरने और बिजली के खंभों, पेड़ों या खुले स्थानों के पास जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश से जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट पर रखा है और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
गर्जन और बिजली की कड़क से दहशत
तेज बारिश के साथ बादलों की गर्जना और बिजली की चमक ने भय का माहौल और गहरा दिया। लोग पूरी रात जागकर हालात पर नजर बनाए रहे। कई इलाकों में अफवाह फैल गई कि बिजली गिरने की आशंका है, हालांकि प्रशासन या बिजली विभाग की ओर से ऐसी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज आवाज के साथ गड़गड़ाते बादलों और लगातार बिजली की चमक से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हर पल कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में इस दहशत का असर और गहरा दिखाई दिया।
दशकों बाद ऐसी बारिश
कई बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह की बारिश उन्होंने दशकों बाद देखी है। सामान्यतः मानसून के दौरान मूसलाधार बारिश होती है, लेकिन इतनी लंबी अवधि तक लगातार बारिश के साथ इतनी तेज गर्जना और बिजली की कड़क शायद ही कभी देखने को मिली हो।
प्रशासन और मौसम विभाग की अपील
लगातार हो रही बारिश और जलजमाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। बिजली के पोल, पेड़ों और जलमग्न इलाकों से दूर रहें।
साथ ही, आपदा प्रबंधन दल को सतर्क रखा गया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित मदद दी जा सके। मौसम विभाग ने भी आने वाले 24 घंटों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
