विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अढ़ूपुर गांव में पेयजल संकट गहराया, जल टंकी ठप होने से ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

Published: Sat, 03 Jan 2026 01:58 PM (IST)

गड़खा प्रखंड के अढ़ूपुर गांव में पेयजल संकट गहरा गया है, क्योंकि एकमात्र जल आपूर्ति टंकी खराब पड़ी है। इससे ...और पढ़ें

अढ़ूपुर गांव में पेयजल संकट गहराया

अढ़ूपुर गांव में पेयजल संकट गहराया

HighLights

  1. अढ़ूपुर गांव में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान।

  2. एकमात्र जल टंकी खराब, बिजली तार जलने से बंद।

  3. ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन कर समाधान की मांग की।

संवाद सूत्र, गड़खा। गड़खा प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत अढ़ूपुर गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। गांव की एकमात्र जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बंद हो जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को उग्र प्रदर्शन किया। 

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थापित पानी टंकी से कई दिनों से जलापूर्ति ठप है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शुद्ध पेयजल के अभाव में लोग हैंडपंप, कुएं और दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पानी टंकी तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय से बंद पड़ी है। बिजली आपूर्ति से जुड़ा तार जल जाने से टंकी का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है, लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे ग्रामीणों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी नाराजगी है।

देखरेख के लिए नियुक्त ऑपरेटर भी कई महीनों से गायब

प्रदर्शन में शामिल मिथिलेश सिंह, इंद्र मोहन सिंह, अनमोल कुमार, मदन सिंह, राजू माझी, दुधनाथ मांझी, रविंद्र सिंह, राजेश्वर सिंह, शमशेर सिंह, देवेंद्र सिंह, विवेक कुमार, राकेश कुमार सिंह, देवव्रत सिंह, मंटु प्रसाद, सकलदेव मांझी, राजेश सिंह और कृष्णा सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी टंकी की देखरेख के लिए नियुक्त ऑपरेटर भी कई महीनों से गायब है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। इसके अलावा टंकी परिसर में अतिक्रमण होने से रखरखाव और मरम्मत कार्य में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।

आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। 

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पानी टंकी की मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्रवाई और पेयजल संकट के स्थायी समाधान की मांग की गई है।