2460 बच्चों को फ्री आवास, भोजन और पढ़ाई की पूरी सुविधा, स्मार्ट क्लासरूम और कंप्यूटर लैब भी
SC ST Residential School Bihar:बिहार सरकार की ओर से पूरे राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति समाज के बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए आवासीय शिक्षा प ...और पढ़ें

Government Hostel Scheme Bihar: आवासीय शिक्षण की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। SC ST Residential School Bihar: बिहार सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से आने वाले बच्चों को सामाज की मुख्यधारा में लाने के लिए कई सुविधाएं प्रदान कर रही है। उनके लिए आवासीय शिक्षण की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।
नव वर्ष में बेहतर होने की उम्मीद
समस्तीपुर जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष नई उम्मीद लेकर आ रहा है। सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से राजकीय अम्बेडकर आवासीय विद्यालय और छात्रावास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। इस वर्ष 2460 विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन, यूनिफॉर्म, जूते और पाठ्यपुस्तकों की सुविधा मिलने की संभावना है।
भवन बनकर तैयार
जिले में निर्माणाधीन तीन राजकीय अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में इस वर्ष पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है। इनमें कल्याणपुर और विभूतिपुर स्थित विद्यालयों का भवन लगभग तैयार हो चुका है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भवन निर्माण विभाग द्वारा इन्हें संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा। इसके बाद नए शैक्षणिक सत्र से संचालन शुरू किया जा सकता है।
पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल
इन दोनों विद्यालयों में 720 बेड की छात्रावास सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा शिवाजीनगर, कल्याणपुर और मोहिउद्दीननगर में 100-100 बेड के छात्रावास भी तैयार हो चुके हैं, जिनका इस वर्ष शुभारंभ होने की संभावना है। इन व्यवस्थाओं से एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।
तीन आवासीय विद्यालयों को मिली थी स्वीकृति
जिले में तीन राजकीय अम्बेडकर आवासीय विद्यालय खोलने की अनुमति दी गई थी। इनमें से उजियारपुर स्थित विद्यालय का शुभारंभ पिछले वर्ष हो चुका है। अब शेष दो विद्यालयों का निर्माण पूरा होते ही एक साथ नए सत्र में शिक्षण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इससे जिले के एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
12 छात्रावास की योजना
विद्यार्थियों की आवासीय सुविधा के लिए जिले में 12 नए छात्रावास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से
- 8 छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है
- 3 छात्रावास का निर्माण कार्य जारी है, जो इस वर्ष पूरा होने की संभावना है
- विद्यापतिनगर में प्रस्तावित छात्रावास जमीन संबंधी अड़चन के कारण अब तक अटका हुआ है
इन छात्रावासों के पूर्ण होने के बाद जिले में अम्बेडकर छात्रावासों की संख्या बढ़कर 16 हो जाएगी, जिससे एक साथ करीब 1600 विद्यार्थी लाभान्वित हो सकेंगे।
क्या कहते हैं पदाधिकारी
जिला कल्याण पदाधिकारी प्रसून परिमल ने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के उत्थान के लिए तीन राजकीय अम्बेडकर आवासीय विद्यालय खोलने की योजना है। एक विद्यालय का भवन तैयार है, जबकि दो निर्माणाधीन हैं। सभी स्थानों पर नए सत्र से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है। वहीं 12 नए छात्रावासों में से 8 पूरे हो चुके हैं और 3 पर काम चल रहा है।
एससी व एसटी वर्ग के छात्रों के ड्राप आउट की परेशानी को देखते हुए इस तरह की योजना बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। इन सुविधाओं से स्थिति में सुधार होने की अपेक्षा की जा रही है।
क्या है राजकीय अम्बेडकर आवासीय विद्यालय?
बिहार सरकार द्वारा संचालित राजकीय अम्बेडकर आवासीय विद्यालय अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं। इन विद्यालयों का लक्ष्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देकर मुख्यधारा से जोड़ना है।
इन विद्यालयों का संचालन राज्य सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। यह विद्यालय पूर्णतः आवासीय होते हैं, जहां छात्रों को पढ़ाई से लेकर रहने-खाने तक की सभी सुविधाएं मुफ्त दी जाती हैं।
1. प्रमुख सुविधाएं (Facilities)
- निःशुल्क आवास एवं भोजन : छात्रावास की सुविधा के साथ पौष्टिक भोजन
- शिक्षा की व्यवस्था : कक्षा 1 से 12वीं तक नियमित पढ़ाई
- शैक्षणिक सामग्री : यूनिफॉर्म, जूते, किताबें, स्टेशनरी
- स्वास्थ्य सुविधा : प्राथमिक उपचार व आवश्यक दवाइयां
- आधुनिक ढांचा : स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब
- खेलकूद सुविधा : खेल मैदान और शारीरिक गतिविधियों की व्यवस्था
2. नामांकन प्रक्रिया (Admission Process)
- पात्रता : छात्र बिहार का मूल निवासी हो और SC/ST वर्ग से संबंधित हो
- कक्षा 1 में प्रवेश : सामान्यतः लॉटरी प्रणाली के माध्यम से
- कक्षा 6 और उससे ऊपर : प्रवेश परीक्षा के आधार पर चयन
- आवेदन प्रक्रिया : प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदन
- समाचार पत्रों
- विभाग की आधिकारिक सूचना
- के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं
3. हर साल निकलती हैं रिक्तियां
नए सत्र (जैसे 2025-26 या 2026-27) के लिए हर वर्ष
- सीटों की उपलब्धता
- आवेदन की तिथि
- परीक्षा/लॉटरी की जानकारी
सरकारी स्तर पर सार्वजनिक की जाती है, ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी इसका लाभ ले सकें।

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