Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    छात्रों को मिलेगा प्रैक्टिकल ज्ञान, समस्तीपुर के पांच स्कूलों में स्थापित होगी मिट्टी जांच लैब

    By Prakash Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 07:44 PM (IST)

    समस्तीपुर जिले के पांच सरकारी विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत छात्र मिट्टी की जांच क ...और पढ़ें

    Hero Image

    राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत शुरू किया गया विद्यालय मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम। फाइल फोटो

    प्रकाश कुमार, समस्तीपुर। Soil Testing Lab in Schools: अब समस्तीपुर जिले के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि प्रयोगशाला में मिट्टी की जांच कर वैज्ञानिक तरीके से सीखेंगे।

    जिले के पांच चयनित विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जहां सातवीं, आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं मृदा परीक्षण की बारीकियां समझेंगे।

    यह पहल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित विद्यालय मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक समझ विकसित करना, प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना और पर्यावरण के प्रति उन्हें संवेदनशील बनाना है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    विद्यार्थी मिट्टी के नमूनों का विश्लेषण कर यह जान सकेंगे कि मिट्टी अम्लीय है, क्षारीय है या सामान्य। प्रत्येक वर्ष रबी और खरीफ सीजन में छात्रों से 25-25 मिट्टी के सैंपल की जांच कराई जाएगी। इससे उन्हें मृदा की संरचना, जैव विविधता और पोषक तत्वों की जानकारी मिलेगी।

    साथ ही, किसानों को भी मिट्टी जांच के प्रति जागरूक और प्रेरित करने में यह कार्यक्रम सहायक होगा, ताकि रसायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग से हो रहे नुकसान को रोका जा सके।

    मिनी लैब में मिट्टी जांच मशीन, आवश्यक रसायन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे छात्र यह समझ सकेंगे कि मिट्टी की पोषकता कैसे बनी रहती है और फसल उत्पादन में इसका क्या महत्व है।

    मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभ

    मिट्टी जांच के आधार पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाता है, जिससे किसानों को खेत की उर्वरा शक्ति और पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है।

    कार्ड में यह भी बताया जाता है कि किस अनुपात में उर्वरक का प्रयोग किया जाए। मिट्टी में पाए जाने वाले 12 प्रमुख पोषक तत्वों—नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, कार्बन, बोरॉन, सल्फर, जिंक, मैग्नीशियम, तांबा, आयरन, कैल्शियम और जस्ता—की जांच की जाती है।

    इन विद्यालयों में लगेगी मिनी मृदा लैब

    • विद्यालय मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के
    • गोल्फ फील्ड रेलवे कॉलोनी उच्च माध्यमिक विद्यालय
    • तिरहुत एकेडमी
    • बीटी इंटर विद्यालय किशनपुर
    • डीपीजीसीपी बालिका विद्यालय, कल्याणपुर चौक
    • इंटर गवर्नमेंट हर्षित उच्च विद्यालय, अख्तियारपुर खजुरी 

    अमित कुमार, सहायक निदेशक (रसायन), कृषि विभाग, समस्तीपुर ने बताया कि चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।