Indian Railways News Update : पार्सल कमाई में समस्तीपुर जंक्शन ने 2025 में सभी रिकॉर्ड तोड़े
समस्तीपुर जंक्शन पर पिछले सात वर्षों (2019-2025) के पार्सल आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। वर्ष 2022 पार्सल कारोबार के लिए सबसे कमजोर रहा, जिसमें आय ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । समस्तीपुर जंक्शन पर दिसंबर पिछले सात वर्षों में पार्सल आवागमन और उससे होने वाली आय के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि वर्ष 2022 पार्सल कारोबार के लिहाज से सबसे कमजोर साल रहा। इस वर्ष न केवल आय में भारी गिरावट दर्ज की गई, वजन और कारोबार की गति भी पिछले और अगले वर्षों की तुलना में काफी कम रही।
वही वर्ष 2025 में पार्सल कारोबार ने नई ऊंचाई को छूते हुए रिकॉर्ड आय दर्ज की। वर्ष 2019 में समस्तीपुर जंक्शन से भेजे गए पार्सल की संख्या 2163 रही थी और वजन 908 टन दर्ज किया गया था। इससे रेलवे को 2 लाख 6 हजार 341 रुपये की आय हुई। इसी वर्ष अन्य प्रदेशों से आने वाले पार्सल की संख्या 6701 और वजन 7652 टन रहा, जिससे 10 लाख 83 हजार 296 रुपये की आय हुई।
वहीं कोरोना काल से प्रभावित वर्ष 2020 और 2021 में भेजे जाने वाले पार्सल की संख्या में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन आय में वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2020 में जाने वाले पार्सल से 3 लाख 17 हजार 422 रुपये और 2021 में 3 लाख 27 हजार 826 रुपये की आय हुई। इसी दौरान आने वाले पार्सल से आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिली और यह 2021 में 30 लाख 40 हजार 475 रुपये तक पहुंच गई।
हालांकि वर्ष 2022 में पार्सल कारोबार में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस वर्ष समस्तीपुर जंक्शन से 2176 पार्सल पैकेज भेजे गए, लेकिन इनका कुल वजन घटकर 747 टन रह गया। इसका सीधा असर आय पर पड़ा और यह घटकर 2 लाख 36 हजार 317 रुपये रह गई, जो पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी कम थी।
दूसरी ओर, आने वाले पार्सल की संख्या 6000 रही और वजन 3670 टन दर्ज किया गया, लेकिन आय घटकर मात्र 3 लाख 58 हजार 598 रुपये रह गई। सात वर्षों में यह आने वाले पार्सल से हुई सबसे कम आय रही, जिससे 2022 को पार्सल कारोबार का सबसे कमजोर वर्ष माना जा रहा है।
वर्ष 2023 में स्थिति में सुधार के संकेत मिलने लगे। जाने वाले पार्सल की संख्या बढ़कर 2706 और वजन 951 टन हो गया, जबकि आय 3 लाख 14 हजार 321 रुपये दर्ज की गई। आने वाले पार्सल से भी आय बढ़कर 28 लाख 13 हजार 657 रुपये हो गई। यह वर्ष गिरावट के बाद संभलने का साल साबित हुआ।
वर्ष 2024 में भेजे जाने वाले पार्सल की संख्या घटकर 2154 रही, लेकिन आय बढ़कर 4 लाख 9 हजार 652 रुपये पहुंच गई, जिससे यह संकेत मिला कि प्रति पार्सल आय में सुधार हुआ है। इसी वर्ष आने वाले पार्सल से 37 लाख 81 हजार 407 रुपये की आय दर्ज की गई।
वर्ष 2025 पार्सल कारोबार के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष समस्तीपुर जंक्शन से 2242 पार्सल पैकेज भेजे गए, जिनका वजन 985 टन रहा और आय 4 लाख 38 हजार 296 रुपये हुई। वहीं अन्य प्रदेशों से आने वाले 7462 पार्सल पैकेजों से 40 लाख 70 हजार 122 रुपये की रिकॉर्ड आय दर्ज की गई।

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