समस्तीपुर में अपनों की राह निहारता बेबस पंकज, नहीं जला पा रहा मां की चिता
समस्तीपुर में मां की संदिग्ध मौत के बाद बालक पंकज अपने परिजनों का इंतजार कर रहा है। पिता पहले ही छोड़ चुका है। तीन दिनों से मां का शव पड़ा है, लेकिन व ...और पढ़ें

अपने स्वजनों का इंतजार करते स्वजनों। जागरण
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । मां की मौत के बाद बेबस बालक पंकज अपने स्वजनों की राह निहारे बैठा है। पिता तो पहले ही उसे छोड़कर अपनी अलग दुनिया बसा चुका।
अब वह इंतजार कर रहा कि पिता न सही कोई तो आए दादा-दादी, नाना-मामा नहीं तो हमारे समाज के ही कोई आए, लेकिन अब तक कोई भी सामने नहीं आया है। वह इतना बेबस है कि गत तीन दिनों से उसकी मां का शव पड़ा है, लेकिन वह उसका अंतिम संस्कार तक नहीं कर पा रहा।
इस बेबसी में मकान मालिक उसका सहारा बने हैं। बुजुर्ग दंपती उसे अपने घर में ठिकाना दे रखा है। जहां वह अपनों की राह निहारे बैठा है। वह इतना अकेला कि उसके सवालों का जवाब देने वाला भी कोई नहीं बचा है।
पिता बहुत पहले ही उसे छोड़कर अपनी अलग दुनिया बसा चुके। तब से एक मां ही थी जो उसकी पूरी कायनात थी। वही उसका सहारा, वही उसकी ढाल। मां ने ही उसे गोद में उठाकर दुनिया की कठोरता से बचाया था। मां ने ही उसे सिखाया था कि मुश्किलों से डरना नहीं है।
उसी मां के भरोसे उसका बचपन पल रहा था। उस रात भी मां ने उसे रोज की तरह सुलाया होगा। शायद उसके बालों में उंगलियां फिराई होंगी। शायद कहा होगा डर मत बेटा, मां है न, लेकिन किसे पता था कि यह भरोसा आखिरी होगा। सुबह जब बच्चा जागा तो कमरे में अजीब सी खामोशी थी। मां ने आवाज नहीं दी।
कहीं से कोई आहट नहीं आई। उसने मां को पुकारा, लेकिन जवाब नहीं मिला। वह उस कमरे में निपट अकेला हो चुका था। उम्मीद की खिड़की खोल उसने आसपास के लोगों को जगाया। मासूम आंखें कुछ समझ नहीं पाई, बस इतना जाना कि मां अब बोल नहीं रही है। पड़ोसियों की भीड़ जुटी। पुलिस आई।
कमरे को सील किया गया। मां की मौत को संदिग्ध हालात में बताया गया। शव को पोस्टमार्टम के बाद सुरक्षित रखा गया है। कानून अपनी राह चल पड़ी और जांच शुरू हो गई।
इन सबों के बीच वह किशोर अब शांत हो चुका है। शायद उसे अभी यह सही ढंग से समझ भी नहीं आ रहा कि उसके साथ क्या हो गया। वह बस इतना कहता है कि मां की डेथ हो गई।
बता दें कि अंगारघाट की रहने वाली पुनम कुमारी की 30 दिसंबर को नगर थाना के बारह पत्थर मोहल्ले में एक किराए के मकान में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना के बाद से उसका शव सदर अस्पताल में पड़ा हुआ है। पुलिस ने स्वजनों के पता पर खबर भेजा है, लेकिन अब तक सही पता नहीं लग सका है।
आज नहीं पहुंचे स्वजन तो होगा अंतिम संस्कार
पुनम की मौत बाद स्वजनों के इंतजार में उसका शव रखा है। आज सुरक्षित रखने का समय समाप्त हो रहा। आज यदि कोई स्वजन उसकी सुध लेने नहीं पहुंचे तो पुलिस अपने स्तर से उसका अंतिम संस्कार कर देगी।
उक्त किशोर को सेल्टर होम भेज दिया जाएगा। थानाध्यक्ष अजित कुमार ने बताया कि पुलिस को जांच के दौरान महिला के फोन में कोई सीम आदि भी नहीं मिली।
जांच के दौरान उसका जो पता सामने आया उक्त पते पर सूचना भेज दी गई है लेकिन, अब तक कोई भी जवाब नहीं आया है। स्वजनों के नहीं आने की वजह से शव को सुरक्षित रखा गया है।

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