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    Bihar Bijli: समस्तीपुर में घर-घर पहुंच रही बिजली विभाग की टीम, 'खोजो-काटो' अभियान तेज; बकायेदारों पर कसा शिकंजा 

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 03:58 PM (IST)

    समस्तीपुर में बिजली विभाग ने बकाया बिल धारकों के खिलाफ 'खोजो-काटो' अभियान शुरू किया है। लगभग तीन हजार बकायेदारों की पहचान की गई है और 150 कनेक्शन काटे ...और पढ़ें

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    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। जिले में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत कंपनी ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

    बिजली विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। बकाया बिजली बिल, अवैध तरीके से बिजली उपयोग और अन्य अनियमितताओं को लेकर जिले भर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

    इस अभियान के तहत अब तक बड़ी संख्या में बकायेदारों की पहचान की जा चुकी है और कई उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे भी गए हैं।

    विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में करीब तीन हजार ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं, जिन पर लंबे समय से बिजली बिल बकाया है।

    150 लोगों की काटी जा चुकी है बिजली

    शहरी क्षेत्र के सहायक अभियंता शशि कपूर ने बताया कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे “खोजो-काटो” अभियान के अंतर्गत अब तक लगभग 150 उपभोक्ताओं की बिजली काटी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लगातार जारी है और आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि कई उपभोक्ता 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना लागू होने के बाद यह समझ बैठे कि उन्हें पुराने बकाया का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है।

    योजना का लाभ लेने के लिए पहले से बकाया राशि जमा करना अनिवार्य है। बकाया नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर न केवल बिजली कटने का खतरा है, बल्कि उन पर ब्याज का बोझ भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

    मिली जानकारी के अनुसार बिजली बिल का समय पर भुगतान नहीं करने पर बिजली कंपनी सालाना 18 प्रतिशत ब्याज वसूलती है। इसका मतलब है कि हर महीने बकाया राशि पर लगभग 1.5 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज जुड़ता है। ऐसे में जितनी देर भुगतान में देरी होगी, उतनी ही अधिक राशि उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ेगी।

    विभाग का कहना है कि कई मामलों में बकाया राशि मूल बिल से कहीं ज्यादा हो चुकी है। विद्युत कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक सेक्शन में तीन-तीन कर्मियों की टीम तैनात की गई है। ये टीमें जूनियर इंजीनियर के निर्देश पर उपभोक्ताओं के घर जाकर बकाया राशि की जानकारी दे रही हैं और भुगतान की मांग कर रही हैं।

    यदि उपभोक्ता भुगतान करने से इनकार करते हैं या टालमटोल करते हैं, तो मौके पर ही बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।

    कार्यपालक अभियंता ने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और इसके सुचारु संचालन के लिए उपभोक्ताओं का सहयोग बेहद जरूरी है। विभाग द्वारा पहले ही कई बार नोटिस और सूचनाएं जारी की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अनेक उपभोक्ता बकाया भुगतान नहीं कर रहे हैं।

    विभाग के पास नहीं बचा कोई कदम

    ऐसे में विभाग के पास सख्त कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपने क्षेत्रीय विद्युत कार्यालय, अधिकृत काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से बिजली बिल का भुगतान कर लें।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान में परेशानी हो रही है, वे किस्तों में भुगतान के लिए कार्यपालक अभियंता के पास आवेदन दे सकते हैं। अधिकारियों ने साफ किया कि यह अभियान सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा और किसी को भी नियमों से छूट नहीं दी जाएगी।

    विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को दंडित करना नहीं, बल्कि राजस्व संग्रह को मजबूत कर जिले में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।