Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    पीएम किसान सम्मान, बीज अनुदान व फसल बीमा के लिए होगी एक ही आईडी, सीधे खाते में पहुंचेगा लाभ

    By Prakash Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 04:39 PM (IST)

    समस्तीपुर में कृषोन्नति योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री पर प्रशिक्षण आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य किसानों को डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) प्रदान करना है, जिस ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    Fasal Bima Farmer ID: इसके माध्यम से लाभ की राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Farmer ID Bihar: अब किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज अनुदान, फसल बीमा समेत अन्य कृषि योजनाओं के लिए एक ही डिजिटल फार्मर आईडी बनाई जाएगी, जिसके माध्यम से लाभ की राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी।

    जननायक कर्पूरी ठाकुर सभागार में सोमवार को नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान कृषि (कृषोन्नति योजना) के तहत फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित समीक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने किया।

    इस दौरान सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, अंचल व राजस्व अधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार समेत विभागीय कर्मी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है।

    इसका उद्देश्य किसानों को योजनाओं से जोड़ना, कृषि सेवाओं को आधुनिक व पारदर्शी बनाना और किसानों का एक सटीक डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है। उन्होंने कहा कि हर किसान की एक यूनिक डिजिटल पहचान तैयार की जाएगी, जिससे सभी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सकेगा।

    कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक करीब 2 लाख 26 हजार किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हैं। इनमें से अब तक 6,780 से अधिक किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। शेष किसानों का पंजीकरण तेज़ी से किया जा रहा है।

    जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमित सौरभ ने बताया कि फार्मर आईडी में किसान की भूमि से संबंधित विवरण, आधार संख्या, मोबाइल नंबर सहित अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज रहेंगी। इससे फसल क्षति या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मुआवजा देने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी।

    साथ ही पीएम किसान, बीज अनुदान, फसल बीमा सहित अन्य योजनाओं का लाभ सीधे किसान को मिल सकेगा। आत्मा के उप परियोजना निदेशक गंगेश कुमार चौधरी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर का अहम हिस्सा है।

    भारत सरकार ने पीएम किसान योजना के लाभुकों के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी है। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बनवाने के लिए आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज (खाता-खेसरा) और सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक होगा।

    बिना पंजीकरण के किसान भविष्य की कई महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित रह सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि पहले आधार के माध्यम से ई-केवाईसी होगी, इसके बाद भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा और अंत में ई-साइन के माध्यम से फार्मर आईडी जारी की जाएगी।

    कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (राजस्व) ब्रजेश कुमार, कृषि अभियंत्रण उप निदेशक सुरेंद्र कुमार भारती, जिला उद्यान पदाधिकारी डॉ. तारिक असलम, सहायक निदेशक (शष्य) संतोष कुमार, सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण) राजीव कुमार रजक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन ताजपुर एटीएम मारुति नंदन शुक्ला ने किया।