बिहार के वैभव सूर्यवंशी का 2025 तो बस ट्रेलर था, असली धमाल तो 2026 में होगा जब गेंदबाज कांप जाएंगे
बिहार के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने 2025 में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें विजय हजारे ट्राफी में शतक और आक्रामक टी-20 बल्लेबाजी शामिल है। उन्हें ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
डिजिटल डेस्क, समस्तीपुर। वैभव सूर्यवंशी के लिए 2025 ने सिर्फ झलक दिखाई है, असली कहानी तो 2026 में लिखी जानी बाकी है। बिहार के उभरते क्रिकेट सितारे वैभव के आंकड़े खुद उनकी प्रतिभा की गवाही देते हैं।
कम उम्र में जिस बेखौफ अंदाज, तकनीकी मजबूती और रिकार्डतोड़ रफ्तार से उन्होंने रन बनाए हैं, उसने गेंदबाज़ों की रणनीतियों को हिला कर रख दिया है। हर मैच में नया रिकार्ड, हर पारी में नया संदेश यह खिलाड़ी रुकने वाला नहीं दिखता।
2026 में अनुभव के साथ जब आत्मविश्वास जुड़ जाएगा, तब यह नाम सिर्फ बिहार ही नहीं, पूरे क्रिकेट जगत में गूंज सकता है। उनके शुरुआती कोच रहे बृजेश झा का कहना है कि वैभव बचपन से ही काफी आक्रामक रहा है। उसका खेलने का अंदाज़ बेहद अलग है।
करीब छह साल की उम्र में जब उसे कोई टास्क दिया जाता था, तो वह उस पर पूरी तरह फोकस करता था। वहीं उनके पिता संजीव शुरू से ही वैभव को लेकर काफी सक्रिय और समर्पित रहे हैं।
बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वैभव ने ध्यान अपनी ओर खींचा
समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके वैभव सूर्यवंशी के लिए साल 2025 बेहद खास रहा। कम उम्र में शानदार बल्लेबाजी और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वैभव ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
साल 2025 में वैभव ने लिस्ट-ए और टी-20 क्रिकेट में कई यादगार पारियां खेलीं। विजय हजारे ट्राफी में उनके शतक ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया, वहीं टी-20 मुकाबलों में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय बनी रही। कम गेंदों में बड़े स्कोर खड़े करने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया।
उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
वैभव की प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया, जिससे उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
अब साल 2026 को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में वैभव अंडर-19 क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं और घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन और निखर सकता है।
समस्तीपुर की गलियों से शुरू हुआ वैभव सूर्यवंशी का सफर अब बड़े सपनों की ओर बढ़ रहा है, और जिले को उनसे भविष्य में और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।

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