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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: इस सीट पर माकपा के दावे से गठबंधन में तेज हुई खींचतान, राजद की बढ़ी मुश्किलें

Published: Mon, 01 Sep 2025 02:54 PM (IST)

सहरसा जिले की महिषी विधानसभा सीट अपनी सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक शुचिता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ माकपा ने अपना ...और पढ़ें

महिषी सीट पर माकपा के दावे से गठबंधन में बढ़ी खींचतान
महिषी सीट पर माकपा के दावे से गठबंधन में बढ़ी खींचतान

HighLights

  1. माकपा ने महिषी सीट पर ठोका दावा
  2. राजद की बढ़ी मुश्किलें
  3. जदयू के पास है वर्तमान सीट

कुंदन, सहरसा। महिषी बस एक गांव का नहीं है। यह अपने सांस्कृतिक, धार्मिक और साहित्यिक विरासत के लिए जितनी जाती है उतनी ही महिषी विधानसभा सीट अपनी राजनीतिक सुचिता के लिए विख्यात है। इस सीट पर प्रखर समाजवादी नेता परमेश्वर कुमर और कांग्रेसी दिग्गज लहटन चौधरी चुनाव लड़ते रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिद्वंदी होते हुए भी इनकी राजनीतिक सुचिता की कई कहानी आज भी इस इलाके के लोग सुनाते हैं। महिषी ऐसा है जिसके नाम से विधानसभा क्षेत्र है और खुद महिषी गांव इस विधानसभा क्षेत्र के बजाय सिमरीबख्तियारपुर विधानसभा का हिस्सा है।

बहरहाल विधानसभा चुनाव आते ही पार्टियों के बीच सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। महिषी विधानसभा सीट पर अब माकपा ने अपना दावा ठोक राजद की मुश्किल बढ़ा दी है।

हाल ही में सहरसा आए माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सह अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक ढ़ाबले ने महिषी सीट पर अपना दावा ठोक दिया। इसके बाद राजद के संभावित उम्मीदवाराें की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से महागठबंधन से राजद की टिकट पर गौतम कृष्ण उम्मीदवार थे। जदयू के गुंजेश्वर साह ने उन्हें नजदीकी मुकाबले में हराया था।

दूसरी ओर इस सीट पर फिलहाल एनडीए गठबंधन में जदयू का कब्जा है। यहां ध्यान रहे कि 2015 के चुनाव में एनडीए की तरफ से रालोसपा के खाते में यह सीट गई थी, जबकि महागठबंधन में जदयू ने सीट पर अपना दावा छोड़ा था और यहां से राजद के अब्दुल गफूर ने बाजी मारी थी।

2020 के चुनाव में अब्दुल गफूर के पुत्र अब्दुल रज्जाक लोजपा की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे और 22 हजार से अधिक मत प्राप्त किया था। ऐसे में इस सीट पर माकपा की नई दावेदारी से एक नयी संभावना ने जन्म ले लिया है।

महिषी (77)

  • विजेता (2020): गुंजेश्वर साह (जदयू) - 66,316 मत
  • उपविजेता: गौतम कृष्ण (राजद) - 64,686 मत
  • तीसरा स्थान: अब्दुर रज्जाक (लोजपा) - 22,110 मत
  • मतदाता (वर्तमान): - कुल: 3,16,336 - पुरुष: 1,61,817 - महिला: 1,54,514

वर्तमान में चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण में इस विधानसभा की ड्राफ्ट सूची में 2,80,275 मतदाता हैं। इस हिसाब से 36,061 वोटर हटाए गए।

महिषी विधानसभा का इतिहास

वर्ष नाम पार्टी
1967 परमेश्वर कुमर संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी
1969 लहटन चौधरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1972 लहटन चौधरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977 परमेश्वर कुमर जनता पार्टी
1980 लहटन चौधरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1985 लहटन चौधरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1990 आनंद मोहन जनता दल
1995 अब्दुल गफूर जनता दल
2000 अब्दुल गफूर राजद
2005 सुरेंद्र प्रसाद यादव निर्दलीय
2005 गुंजेश्वर साह जदयू
2010 अब्दुल गफूर राजद
2015 अब्दुल गफूर राजद
2020 गुंजेश्वर साह जदयू

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