सहरसा : बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध गायक विनोद राठौर ने कहा कि मैंने रोने से पहले गाना शुरू कर दिया। बचपन संगीत में बीता और पापा पंडित चर्तुभुज राठौर से ही संगीत की बारीकियां सीखकर आज इस मुकाम पर पहुंचा हूं। किशोर दा व रफी साहब मेरे लिए आदर्श हैं और जो हूं उन्हीं के बदौलत हूं।

उग्रतारा महोत्सव में भाग लेने सहरसा पहुंचे गायक श्री राठौर ने स्थानीय परिसदन में बात करते हुए कहा कि बिहार मेरे लिए नया नहीं है। भोजपुरी व मैथिली के कई गाने गा चुका हूं। भोजपुरी गाना तोहर लहंगा उठा देब रिमोट स.., राइफल कय गोली खर्चा हो जाइ काफी हिट रही। उन्होंने प्रेमगंथ सिनेमा का गाना दिल देने की रुत आयी, दिल लेने की रुत आयी को सबसे पसंदीदा गाना बताते हुए कहा कि वैसे छुपाना भी नहीं आता, जताना भी नहीं आता गाना काफी लोकप्रिय हुआ था। उन्होंने कहा कि गायिकी का दौर हर पांच साल पर बदलता रहता है। किशोर दा व रफी साहब का गाना आज भी लोकप्रिय है। लेकिन वर्तमान समय का गाना कुछ ही दिनों में पुराना हो जाता है। उन्होंने कि वर्तमान समय में कई नये गायक आए हैं वो अच्छ हैं। लेकिन जो गाना परोसा जा रहा है वह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। यो, यो हनी ¨सह व मीका ¨सह की चर्चा करने पर कहा कि ये लोग गाना नहीं गा रहे है बस काम चल रहा है। वैसे युवाओं को यह पसंद है तो गायक भी गा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा पूरा परिवार संगीत से जुड़ा है। बड़े भाई रुप ¨सह राठौर व नदीम श्रवण से भी बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि बिहार से उनका काफी लगाव रहा है। कोसी के इलाके में पहली बार आया हूं। मां उग्रतारा के बारे में सुना था दर्शन का भी अवसर नसीब हुआ है। यहां के लोग प्यार व मोहब्बत देते हैं। शाहरुख खान व आमिर खान के असिष्णुता जैसे बयान पर उन्होंने कहा कि ये उनका मानना है। देश तो सबों का है और यहां के लोग प्यार, मोहब्बत से जीते हैं। उन्होंने अपने आने वाले एलबम की चर्चा करते हुए कहा कि अब न तो वो मेलॉडी गाना लिखा जाता है और न ही मुन्नी बदनाम जैसे गाने की इच्छा हो रही है। उन्होंने कहा कि एलबम में तीन वीडियो हैं और ओडियो है। यह एलबम गायिकी के क्षेत्र के चमत्कार बनेगा। उनके साथ आयी गायिका चांदनी बनर्जी ने कहा कि कई बंगाली गाने गा चुका हूं। विनोद जी के साथ गाने का मौका मिला है और इससे काफी खुश हूं। इस दौरान उद्घोषक राज सागर, गायिका चौला बनर्जी, घ्रुव कुमार आदि मौजूद थे।