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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना से 62 प्रकार के उद्योग लगा सकते हैं गरीब परिवार, ऐसे करें आवेदन

By Ram Avatar Chaudhary Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Thu, 08 Feb 2024 03:53 PM (IST)

Bihar News आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रोजगार देने में मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना कारगर साबित होगी। इस योजना ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना से 62 प्रकार के उद्योग लगा सकते हैं (जागरण)
मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना से 62 प्रकार के उद्योग लगा सकते हैं (जागरण)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना से 62 प्रकार के उद्योग लगा सकते हैं।
  2. 18 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक के जिले के स्थाई निवासी आवेदन कर सकते हैं।

संवाद सहयोगी, डेहरी आनसोन ( रोहतास)। Mukhyamantri laghu udyami yojana: आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रोजगार देने में मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना कारगर साबित होगी। इस योजना को लेकर आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

गत वर्ष जिले में हुई जाति आधारित गणना में आर्थिक रूप से कमजोर पाए गए सभी वर्ग के लोगों को रोजगार के लिए सरकार तीन किस्तों में दो-दो लाख रुपए देगी, जिसे वापस नहीं लिया जाएगा। इस योजना से मिली राशि से कमजोर परिवार के लोग लघु उद्योग लगा स्वावलंबी बन सकेंगे।

62 प्रकार के उद्योग लगाने की सुविधा 

उद्योग विभाग के जिला महाप्रबंधक आशीष रंजन के अनुसार मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना से 62 प्रकार के उद्योग लगाए जा सकते हैं। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर 18 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक के जिले के स्थाई निवासी आवेदन कर सकते हैं। ऐसा परिवार जिनका प्रतिमाह आय छह हजार रुपए से कम है वे भी योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

इसके बाद लाटरी के माध्यम से राज्य स्तर से आनलाइन चयनित किया जाएगा। वैसे लोग जिन्हें पहले से मुख्यमंत्री उद्यमी, अनुसूचित जाति, जन जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, महिला व युवा उद्यमी योजना का लाभ मिल चुका है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के महिला या पुरुष किसी एक सदस्य को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।

इन उद्योगों के लिए मिलेगी राशि 

इसमें खाद्य प्रसंस्करण के आटा, सत्तु, बेसन उत्पादन, मसाला, नमकीन, जैम, जैली, सॉस, नूडल्स, पापड़, अचार, मोरब्बा, फलों का जुस, मिठाई आदि शामिल हैं। इसी तरह फर्नीचर उद्योग से संबंधित बढ़ईगिरी, बांस का समान, नाव, बेंत का फर्नीचर निर्माण को ले आवेदन किया जा सकता है।

निर्माण उद्योग से संबंधित सीमेंट का जाली, दरवाजा, खिड़की, प्लास्टर आफ पेरिस का सामान, दैनिक सामग्री जैसे डिटर्जेंट पाउडर, बिंदी, मेंहदी, मोमबती, कृषि यंत्र, गेट ग्रिल, मधुमक्खी का बक्शा, आभूषण निर्माण, स्टील बाक्स, बिजली पंखा, स्टेबलाइजर व आइटी के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।

साथ ही रिपेयर व मेंटेनेंस से संबंधित आटो गैरेज, मोबाइल व चार्जर निर्माण, बाइक, टायर, डीजल इंजन, मोटर व ताला रिपेयरिंग के अलावा सैलून, ब्यूटी पार्लर, ढाबा, लांड्री, फूल माला, रेडिमेड वस्त्र व मिट्टी के बर्तन उद्योग लगाने के लिए भी आवेदन कर सकेंगे।

रैंडमाइजेशन से होगा लाभार्थियों का चयन :

जिले के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सदस्य इस योजना के तहत उद्योग विभाग के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करेंगे। जिसके बाद अनुश्रवण समिति से आवेदन पत्रों की आनलाइन जांच की जाएगी। आवेदकों का अंतिम चयन कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन के माध्यम किया जाएगा।

इसके बाद चयनित आवेदकों के खाते में संबंधित उद्योग लगाने के लिए पहली किश्त के रूप में योजना की 25 प्रतिशत राशि भेज दी जाएगी। दूसरी किस्त के रूप में 50 प्रतिशत व कार्य पूरा होते ही शेष 25 प्रतिशत राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

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