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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्राइम- जानकीनगर में बालिका वधू बनने से बाल-बाल बची नाबालिग

By JagranEdited By:
Published: Tue, 22 Feb 2022 07:55 PM (IST)

चाइल्ड लाइन टीम की सक्रियता से जानकीनगर थाना क्षेत्र में बालिका वधू बनने से एक नाबालिग बाल-बाल बच गई।

क्राइम- जानकीनगर में बालिका वधू बनने से बाल-बाल बची नाबालिग
क्राइम- जानकीनगर में बालिका वधू बनने से बाल-बाल बची नाबालिग

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। चाइल्ड लाइन टीम की सक्रियता से जानकीनगर थाना क्षेत्र में बालिका वधू बनने से एक नाबालिग बाल-बाल बच गई।

चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक मयूरेश गौरव ने बताया कि सोमवार की रात एक 15 वर्षीय किशोरी की शादी तय थी। घर में शादी की सारी तैयारी पूरी हो चुकी थी। किशनगंज जिले से बारात आने वाली थी । किशोरी के हाथ में मेहंदी रच चुकी थी और घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे। इसी बीच ट्राल फ्री नंबर पर मिली सूचना के आधार पर चाइल्ड लाइन की टीम जानकी नगर पुलिस के साथ किशोरी के घर पहुंच गई। किशोरी के पिता को इसकी जानकारी दी गई कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। चाइल्ड लाइन की रूबी रानी द्वारा किशोरी से पूछताछ की गई। किशोरी ने स्पष्ट कहा कि वह शादी नहीं करना चाह रही थी लेकिन घर के लोगों ने शादी कराने का निर्णय लिया है। बाद में लड़की के पिता द्वारा लड़का पक्ष को फोन द्वारा सूचित किया गया कि चाइल्ड लाइन और स्थानीय प्रशासन द्वारा शादी रोक दी गई है। अब बिटिया की शादी 18 वर्ष के बाद करेंगे। बाद में अभिभावकों से इस संदर्भ का बांड भी भराया गया। इसमें गवाह के तौर पर स्थानीय जिला परिषद सदस्य भी शामिल रहे। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक मयूरेश गौरव ने बाल विवाह के दुष्परिणाम से भी ग्रामीणों को भी अवगत कराया। इस मौके पर चाइल्ड लाइन के उपेंद्र कुमार, बड़हरा कोठी के टीम लीडर विनय कुमार सिंह, रामदयाल राय ,कैलाश हेम्ब्रम ,सुलेखा कुमारी के साथ-साथ जानकीनगर थाना पुलिस भी मौजूद थी।