Bihar Politics: किसने-किसको टिकट बेची? आंख से छलका सीटिंग MLA का आंसू, जुबान ने उगला राज
कसबा से कांग्रेस विधायक आफाक आलम ने टिकट कटने पर पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पप्पू यादव, कृष्णा ...और पढ़ें

आंख से छलका सीटिंग MLA का आंसू, जुबान ने उगला राज
HighLights
आफाक आलम ने लगाया टिकट बेचने का आरोप
पप्पू यादव और अलावरू पर निशाना
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ेंगे चुनाव
संवाद सूत्र, कसबा (पूर्णिया)। कसबा विधानसभा सीट से कांग्रेस के सीटिंग विधायक सह पूर्व मंत्री आफाक आलम ने टिकट कटने पर पार्टी और नेताओं पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि भाजपा को वोट चोर कहने वाली कांग्रेस खुद टिकट चोर है।
उन्होंने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के साथ-साथ बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अलावरू व पार्टी नेता शकील अहमद खान पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए करोड़ों की डील होने का दावा किया। बेटिकट अफाक आलम अब निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में होंगे और सोमवार को नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे।
आंख से छलका आंसू, जुबान ने उगला राज:
पत्रकारों से बात करते हुए विधायक आफाक आलम काफी भावुक भी हो गए और उनके आंसू छलक पड़े। यद्यपि इस उनकी दौरान जुबान आग उगलती रही। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में टिकट बंटवारे की जिम्मेदारी तीन बड़े नेताओं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, बिहार प्रभारी कृष्णा अलावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को दी गई थी।
दूसरे फेज के टिकट बंटवारे के समय मैंने जब प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस नेता शकील अहमद को फोन किया तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। काफी कोशिश के बाद किसी तरह कांग्रेस नेता शकील अहमद से बात हुई। उन्होंने टिकट पर बात करने से पल्ला झाड़ लिया और कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद मेरी बात प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से हुई।
उन्होंने बातचीत में कहा कि उनके सामने सिंबल आया और उन्होंने मजबूरन उस पर अपना साइन किया। वे काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ, उसके लिए अलावरू और सांसद पप्पू यादव से पूछा जाए। आलम ने अपना टिकट कटने के लिए कांग्रेस नेता शकील अहमद और पप्पू यादव को दोषी माना।
उन्होंने आगे कहा, उनके मंत्री बनते ही शकील अहमद के पेट में दर्द होने लगा था। उन्होंने कहा कि मेरी बातचीत अल्पसंख्यक कोटे के एक बड़े नेता से हुई। उन्होंने बताया कि टिकट के लिए उन्हें कैशियर से मिलना होगा। कैशियर का नाम इमरान प्रतापगढ़ी बताया गया। पार्टी की बैठकों में अक्सर दो-चार लाख रुपये की फंडिंग के लिए कहा जाता था। हर अपेक्षा को उन्होंने पूरा किया। मैं समर्पित भाव से पार्टी के लिए काम करता था, इसलिए पैसे देने से इन्कार कर दिया। विधायक अफाक आलम ने कांग्रेस प्रत्याशी मु. इरफान आलम का एनडीए के कई बड़े नेता से संपर्क रहने का भी दावा किया।
ऑडियो वायरल कर मचा दिया हड़कंप:
नाराज विधायक ने टिकट को लेकर खुद व प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो भी मीडिया को दिया। यद्यपि दैनिक जागरण इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। इसमें सीधे तौर पर सांसद पप्पू यादव व बिहारी प्रभारी पर टिकट फंसाने की बात कही गई है। साथ ही इसमें खेल होने का संकेत भी दिया गया है।
