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    लाखों की लागत से बने रैन बसेरा पर दुकानदारों का कब्जा, शाम में बन जाता है नशेड़ियों का बन रहा अड्डा

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:23 PM (IST)

    भवानीपुर, पूर्णिया में लाखों की लागत से बने रैन बसेरा अतिक्रमण का शिकार हो गए हैं। दुकानदारों ने इन पर कब्जा कर लिया है, जिससे राहगीरों, खासकर महिला य ...और पढ़ें

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    रैन बसेरा पर दुकानदारों का कब्जा

    संवाद सहयोगी, भवानीपुर (पूर्णिया)। लाखों रुपये की सरकारी लागत से राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए गए रैन बसेरा आज खुद बदहाली का शिकार हो चुका हैं। अवैध अतिक्रमण के चलते रैन बसेरा अपने मूल उद्देश्य से भटक गए हैं, जिसका सीधा खामियाजा आम यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। 

    रैन बसेरा पर अतिक्रमण होने के कारण बस अथवा अन्य वाहनों की प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों को खुले में खड़ा रहना पड़ता है। महिला यात्रियों को मजबूरी में दुकानों के सामने या सड़क किनारे इंतजार करना पड़ता है, जहां उन्हें दुकानदारों की झिड़कियां सुननी पड़ती हैं और असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। 

    स्थानीय लोगों द्वारा कई बार सामूहिक रूप से शिकायत किए जाने के बावजूद अतिक्रमण हटाने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

    अतिक्रमण की चपेट में तीन प्रमुख रैन बसेरा 

    प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत तीन प्रमुख रैन बसेरा अतिक्रमण की चपेट में है। पूर्णिया-टिकापट्टी स्टेट हाइवे पर भवानीपुर बस स्टैंड के समीप स्थित दो रैन बसेरा पर फल दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है। 

    वहीं बलिया रोड स्थित बजरंगबली चौक के पास बने रैन बसेरा को अतिक्रमणकारियों ने चारों ओर से घेर लिया है। यात्रियों के उपयोग के लिए बनाए गए ये रैन बसेरा अब दुकानदारों के लिए कमाई का जरिया बन गया हैं। 

    हैरानी की बात यह है कि प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित इन रैन बसेरों की दुर्दशा से अधिकारी भली-भांति अवगत होने के बावजूद अनजान बने हुए हैं। शिकायतों के बाद भी अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। 

    शाम में बन जाता है नशेड़ियों का अड्डा

    वहीं अतिक्रमित रैन बसेरा देर संध्या असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बन जाता हैं। यहां प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की खाली बोतलें और अन्य आपत्तिजनक सामग्री पड़ी रहती है। आए दिन नशेड़ियों द्वारा उत्पात मचाने की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे राहगीरों में भय का माहौल बना रहता है।

    स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलंब अतिक्रमित रैन बसेरों को मुक्त कराया जाए, ताकि राहगीरों-विशेषकर महिलाओं-को सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा मिल सके। लोगों का कहना है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।