Bihar News: मिट्टी जांच एजेंसियों को समय पर भुगतान नहीं, सरकार ने बनाई नई व्यवस्था; इंजीनियरों को दिए सख्त निर्देश
बिहार में भवन निर्माण से जुड़ी योजनाओं में मृदा परीक्षण एजेंसियों को भुगतान में देरी की शिकायतों के बाद भवन निर्माण विभाग ने समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति में ही मृदा परीक्षण के खर्च का आकलन किया जाएगा और आवंटन की मांग की जाएगी ताकि एजेंसियों को समय पर भुगतान किया जा सके।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में भवन निर्माण से संबंधित योजनाओं के प्रारंभ होने से पूर्व मृदा परीक्षण कराने की व्यवस्था लागू है। इसके लिए 12 एजेंसियों को विधिवत सूचीबद्ध किया गया है। लेकिन मृदा परीक्षण पूरा होने के बाद भी उन्हें महीनों तक भुगतान नहीं किया जाता है।
ऐसी बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भवन निर्माण विभाग ने समय पर भुगतान की व्यवस्था की है। इस संबंध में विभाग ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को भी निर्णय से अवगत करा दिया है।
भवन निर्माण विभाग को ऐसी सूचना मिल रही थी कि राज्य में मृदा परीक्षण के कार्य में विभिन्न एजेंसियां लगी हुई हैं। लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भी उन्हें तीन से चार महीने की देरी से भुगतान किया जाता है। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी प्रमंडल मृदा परीक्षण एजेंसियों को समय पर पैसा नहीं देते हैं।
इसे देखते हुए सरकार ने यह व्यवस्था बनाई है कि जिन योजनाओं के लिए प्रमंडलों ने मृदा परीक्षण कराने का निर्णय लिया है, उनकी प्रशासनिक स्वीकृति में कार्यपालक अभियंता मृदा परीक्षण पर खर्च होने वाली राशि का आकलन कर आवंटन की मांग करेंगे।
सरकार से योजना के लिए राशि का आवंटन प्राप्त होते ही मृदा परीक्षण एजेंसी को उसके कार्य का भुगतान कर दिया जाएगा। सूचीबद्ध मृदा परीक्षण एजेंसी को भुगतान करने के बाद कार्यपालक अभियंता इसकी सूचना मुख्य अभियंता कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस निर्देश का कड़ाई से पालन किया जाए।
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