Bihar Politics: तेजस्वी ने नीतीश के बेटे निशांत को बताया अपना भाई, बोले- अगर वो राजनीति में आएं तो...
बिहार में राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में आने की सलाह दी है। तेजस्वी का कहना है कि अगर निशांत राजनीति में आते हैं तो जदयू बच सकती है। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि निशांत पार्टी के लिए कैसे काम करते हैं।
राज्य ब्यूरो, पटना। निशांत कुमार को अपना भाई बताते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि उनके (निशांत) राजनीति में आने से जदयू के जीवित रहने की संभावना बनेगी। हालांकि, यह संभावना इस पर निर्भर करेगी कि निशांत पार्टी के लिए कैसे काम करते हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा, मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि वे अविलंब राजनीति में आएं, अन्यथा शरद यादव द्वारा बनाए गई जदयू को भाजपा समाप्त कर देगी। तेजस्वी के इस उल्लेख में भी एक राजनीतिक कटाक्ष है। राजनीति के अंतिम दिनों में शरद अपनी पार्टी के साथ राजद में मिल गए थे।
नीतीश की इकलौती संतान हैं निशांत
50 वर्षीय निशांत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इकलौती संतान हैं। जदयू के भीतर का एक वर्ग चाहता है कि वे सक्रिय राजनीति में आएं। इस उद्देश्य से पिछले दिनों पटना में जहां-तहां पोस्टर-होर्डिंग्स भी लगाए गए थे।
तेजस्वी राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के अघोषित नेता हैं, जो निशांत के प्रकरण में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए स्वयं को तुलना से रोक नहीं पाए।
'मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया...'
तेजस्वी ने कहा कि मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया, क्योंकि मेरे माता-पिता ने ऐसा करने के लिए कहा था, बल्कि इसलिए कि बिहार के लोगों और राजद कार्यकर्ताओं को मेरी आवश्यकता थी।
'JDU पर कब्जा करना चाहता है RSS'
इसी के साथ उन्होंने भाजपा पर अंगुली भी उठा दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू के कुछ नेता गोपनीय बैठक कर यह रणनीति बना रहे कि किसी भी हालत में निशांत राजनीति में न आएं, ऐसा इसलिए, क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि जदयू पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया जाए।
'हमारे पास विजन भी और रीजन भी'
इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया और विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दंभ भी भर दिया।
तेजस्वी ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आएं, योगी आदित्यनाथ या कोई और, बिहार की जनता जागरूक हो चुकी है। हमें जनता से एक अवसर चाहिए। हमारे पास विजन भी है और रीजन भी।
नौकरी के बदले भूमि घोटाला के मामले में कोर्ट के समन पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी ने कहा, इसे कोर्ट में रहने दीजिए। जब चुनाव आयोग भाजपा का ''चीयरलीडर'' बन गया है, तो हम ईडी और आयकर के बारे में क्या कह सकते हैं!
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