'चाबी लेंगे तभी ताला खुलेगा', मांझी ने नीतीश के सामने रख दी डिमांड; सम्राट बोले- खून भी देना पड़ा...
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने गांधी मैदान में आयोजित दलित समागम रैली में कहा कि अनुसूचित समाज में कई ऐसी उपजातियां हैं जिनकी साक्षरता दर महज सात से आठ प्रतिशत है। ऐसे में 20% से कम साक्षर लोगों को अलग वर्गीकृत कर आरक्षण दिया जाए और 20% से अधिक साक्षर लोगों को अलग आरक्षण मिले।

राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को गांधी मैदान में आयोजित दलित समागम रैली में कहा कि दलितों को शैक्षणिक आधार पर वर्गीकृत कर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। अनुसूचित समाज में कई ऐसी उपजातियां हैं जिनकी साक्षरता दर महज सात से आठ प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि 20% से कम साक्षर लोगों को अलग वर्गीकृत कर आरक्षण दिया जाए और 20% से अधिक साक्षर लोगों को अलग आरक्षण मिले। मांझी ने कहा कि राजनीति चाभी है और विकास ताला। चाबी लीजिएगा तभी ताला खुलेगा।
मांझी ने कहा, हमारी एससी-एसटी की आबादी सबसे अधिक 30 प्रतिशत है। यह 30 प्रतिशत आबादी एक हो गई तो 2025 के चुनाव में अपने मन की सरकारी बनेगी। देखिए, कौन आगे बढ़ा रहा है, उसे एकजुट होकर वोट दीजिए।
'मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में...'
मांझी ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कई निर्णय लिए मगर वह लागू नहीं हुए। मेट्रो का विचार मेरी सरकार में ही मंत्री रहे सम्राट चौधरी ने दिया। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन हो, मेरी सरकार में मसौदा आया मगर न जाने कहां चला गया। भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देने का निर्णय लिया गया मगर तीन डिसमिल जमीन ही मिल रही, उसमें भी 80 प्रतिशत पर दबंगों का कब्जा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में भूमि सुधार का काम नहीं हुआ अगर होता तो करीब 11 लाख भूमिहीन हैं, सभी के पास एक-एक एकड़ जमीन मिल जाएगी।लड़कियों को मुफ्त व्यावसायिक पढ़ाई की सुविधा मिले। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग बनाया जाए। राजनीति में दलित समाज को एक होने की जरूरत है। 2025 में एकजुट होकर निर्णय लीजिए।
दलित समागम पहुंचे नीतीश, कहा- बधाई देने आया हूं
दलित समागम रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ थोड़ी देर के लिए पहुंचे। करीब एक बजे रैली के मंच पर उनके पहुंचते ही भीड़ ने नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान जीतन राम मांझी ने खड़े होकर नीतीश का स्वागत किया तो संतोष सुमन ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
उन्होंने मंच से कहा कि मैं आप सभी को नमन करता हूं। आज पार्टी की मीटिंग हो रही है, यह जानकारी मिली तो हम आप सभी को बधाई देने के लिए आए हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री वापस चले गए। बाद में जीतन राम मांझी ने अपने भाषण के दौरान कहा भी कि चूंकि यह एनडीए की बैठक नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री आए और आकर चले गए।
अब दलित बच्चों को मिलेगी दोगुनी राशि: सम्राट चौधरी
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दलित समागम रैली में करीब एक घंटे तक रहे। इस दौरान उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि अभी तक दलित बच्चों को जितनी राशि दी जाती है, अब उससे दोगुनी राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से आने वाले बजट में इसका प्रविधान किया गया है।
सम्राट ने कहा कि अभी 36 सीटों पर दलित समाज के लोग चुनाव लड़ते हैं। आरक्षण बढ़ा तो 2029 में 70 लोग दलित समाज से आएंगे। उन्होंने कहा कि दलित समाज के लिए खून भी देना पड़े तो सम्राट चौधरी पीछे नहीं हटेगा।
इसके पूर्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि दलित-महादलित सभी एक हैं। यहां कोई जाति-उपजाति नहीं है। दलित एकजुट होकर एनडीए को मजबूत करेंगे और 225 से ज्यादा सीट लाएंगे।
रैली को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक ज्योति मांझी, दीपा मांझी, प्रफुल्ल मांझी, मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण आदि ने भी संबोधित किया।
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