Bihar News: बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी, बनेगा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर; युवाओं को होगा फायदा
बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है। IT सेक्टर में लगातार बढ़ रही निवेशकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बनाने का फैसला किया गया है। बिहार सरकार ने बिहार आइटी नीति 2024 के लागू होने के बाद आइटी सेक्टर के विशेषज्ञों के सुझाव पर इस क्षेत्र में काम शुरू किया है। इससे युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।

दीनानाथ साहनी, पटना। तेजी से डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से मुकाबले के लिए बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (वैश्विक क्षमता केंद्र) बनाने की तैयारी हो रही है। यह पहल बिहार सरकार ने बिहार आइटी नीति, 2024 के लागू होने के बाद आइटी सेक्टर के विशेषज्ञों के सुझाव पर शुरू किया है।
निवेशकों की रुचि को देखते हुए फैसला
- बिहार के आइटी क्षेत्र में निवेशकों की रूचि बढ़ रही है। इसलिए आइटी क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी को देखते हुए सरकार के स्तर से सूचना प्रावैधिकी विभाग को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बनाने के लिए विशेष नीति बनाने का निर्देश दिया है।
- मुख्य सचिव के स्तर से दिए गए निर्देश में कहा गया है कि नवाचार को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखने के लिए लगातार नवीन रणनीतियों की जरूरत है।
निवेश बढ़ाने को उद्यमियों की आकांक्षाओं को ध्यान रखना प्राथमिकता
सूचना प्रावैधिकी विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि बिहार विधान मंडल के बजट सत्र खत्म होने के बाद अप्रैल में बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर को आकार प्रदान करने पर कार्यारंभ होगा। इस सेंटर को बढ़ावा देने के लिए आइटी नीति में दी जाने वाली इंसेंटिव को लेकर विशेष नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है।
इस नीति को बिहार में निवेश करने वाले उद्यमियों की आकांक्षाओं के मुताबिक सुविधाओं को ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, इसकी बारीकियों को समझने और एक बेहतर नीति तैयार करने के लिए 'इंडस्ट्री विजिट' की भी योजना बनाई जा रही है।
उक्त अधिकारी के मुताबिक ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर (जीसीसी) एक रणनीतिक इकाई है, जो प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और नवाचार के माध्यम से किसी संगठन के वैश्विक परिचालन को समर्थन प्रदान करती है।
रोजगार क्षमता सृजन और युवाओं को क्षमता विकास प्रशिक्षण भी
विभाग ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 से राज्य में आइटी क्षेत्र में रोजगार सृजन और युवाओं को क्षमता विकास प्रशिक्षण पर भी कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को कार्य योजना बनाकर कार्य करने को कहा है।
दिल्ली में हुई बैठक में लिया गया फैसला
13 दिसंबर से 15 दिसंबर, 2024 को नई दिल्ली में हुए मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में टीयर-2 शहरों को आर्थिक विकास के केंद्र बिंदु में लाने पर चर्चा हुई थी। इसमें टीयर-2 शहरों में ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर (जीसीसी) विकसित करने पर दिशा-निर्देश दिया गया था।
बता दें कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर एक रणनीतिक इकाई है जो प्रावैधिकी, प्रतिभा और नवाचार के माध्यम से किसी संगठन के वैश्विक परिचालन के क्षमता वर्धन तथा लागत को कम करने में सहायक होती है। देश में लगभग 1700 ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर हैं, जिनमें से 400 ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर की स्थापना विगत पांच वर्षों में की गई है।
अब बिहार में भी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो रहा है, जो राज्य के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर होगा। इससे राज्य में रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा।
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